फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

NASA: नासा ने जारी की पृथ्वी के सबसे ऊंचे पर्वत की मनमोहक तस्वीर, अंतरिक्ष से ऐसा दिखता माउंट एवरेस्ट

Wed, 19 Feb 2025 09:32 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला

सार

NASA: नासा ने बताया है कि यह तस्वीर 30 नवंबर 1996 को STS-80 मिशन के दौरान स्पेस शटल कोलंबिया में सवार क्रू (चालक दल) ने खींची थी। यह पर्वत वी-आकार की घाटी के पास दिखाई देता है।
 
विज्ञापन
नासा ने जारी की पृथ्वी के सबसे ऊंचे पर्वत की मनमोहक तस्वीर - फोटो : NASA
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

Mountain Mount Everest: अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा समय-समय स्पेस की तस्वीर शेयर करती है। अब नासा ने माउंट एवरेस्ट की एक दुर्लभ तस्वीर जारी की है। इस तस्वीर को अतंरिक्ष से लिया गया है, जिसमें आप माउंट एवरेस्ट की चोटी और उसके ग्लेशियरों को दिखाया गया है। नासा ने बताया है कि यह तस्वीर 30 नवंबर 1996 को STS-80 मिशन के दौरान स्पेस शटल कोलंबिया में सवार क्रू (चालक दल) ने खींची थी। यह पर्वत वी-आकार की घाटी के पास दिखाई देता है।

विज्ञापन


माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई  8,848 मीटर है, जो वी-आकार की घाटी के पास नजर आता है। चोटी के आसपास कई ग्लेशियर भी दिख रहे हैं। एसटीएस-80 ने उस साल अपनी आखिरी उड़ान भरी थी। इस तस्वीर में अंतरिक्ष से दुनिया के सबसे ऊंचे पर्वत का एक अनूठा दृश्य दिखाई देता। नासा पृथ्वी के प्राकृतिक आश्चर्यों की अंतरिक्ष-आधारित तस्वीरें शेयर करता है। इस तरह की तस्वीरों से वैज्ञानिकों को नए दृष्टिकोण से परिदृश्यों का अध्ययन करने में मदद मिलती है। 

स्थानीय तौर माउंट एवरेस्ट को सागरमाथा या कोमोलांगमा के नाम से जानते हैं। समुद्र तल से ऊपर यह पृथ्वी पर सबसे ऊंचा पर्वत है। यह हिमालय की महालंगुर हिमाल उप-श्रेणी में स्थित है। इसके शिखर बिंदु से चीन-नेपाल सीमा होकर जाती है। इसकी ऊंचाई  8,848.86 मीटर सबसे हाल ही में 2020 में चीनी और नेपाली अधिकारियों ने दर्ज की थी। 
विज्ञापन


African countries sinking: क्या फट जाएगी पृथ्वी? समुद्र में समा जाएंगे ये देश, वैज्ञानिकों की बढ़ी चिंता

China Zoo Video: चिड़ियाघर में नहीं था जेब्रा तो गधे के साथ ही कर दिया खेल, सोशल मीडिया पर उड़ा चीन का मजाक

पर्वतारोहियों को आकर्षित करता माउंट एवरेस्ट 

माउंट एवरेस्ट पर्वतारोहियों को अपनी तरफ आकर्षित करता है। इनमें ज्यादा अनुभवी पर्वतारोही भी शामिल हैं। जानकारी के मुताबिक, चढ़ाई के लिए दो मुख्य मार्ग हैं। नेपाल में दक्षिण-पूर्व से शिखर तक एक मार्ग जाता है, जिसे स्टैंडर्ड रूट माना जाता है, जबकि दूसरा मार्ग तिब्बत के उत्तर में है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें