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आखिर कैसे हुआ था प्राचीन माया सभ्यता का विनाश? सैकड़ों साल से बना है रहस्य

Fri, 01 May 2020 01:53 PM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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माया सभ्यता के खंडहर - फोटो : Social media
अगर आपने इतिहास पढ़ा होगा तो माया सभ्यता के बारे में कुछ न कुछ जरूर जानते होंगे। वैसे तो यह एक प्राचीन सभ्यता है, जिसके बारे में वैज्ञानिकों को भी बहुत कम ही पता है और इसीलिए इस सभ्यता को किसी रहस्य से कम नहीं माना जाता। सैकड़ों सालों से वैज्ञानिक इस बात का पता लगाने में जुटे हुए हैं कि आखिर इस प्राचीन सभ्यता का विनाश कैसे हुआ था, लेकिन अभी भी उनके पास इसका कोई सटीक जवाब नहीं है। हालांकि इसको लेकर कई तरह के दावे जरूर किए जाते हैं। आइए जानते हैं इस सभ्यता का क्या इतिहास रहा है और यह क्यों हमारे लिए खास है। 
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माया सभ्यता के खंडहर - फोटो : Social media
माना जाता है कि माया सभ्यता अमेरिका की प्राचीन सभ्यता थी, जो ग्वाटेमाला, मेक्सिको, होंडुरास और यूकाटन प्रायद्वीप में स्थापित थी। खासतौर पर इसे मेक्सिको की एक महत्वपूर्ण सभ्यता माना जाता है। इस सभ्यता की शुरुआत 1500 ईसा पूर्व में हुई थी। कहते हैं कि 16वीं सदी में इस सभ्यता का पूरी तरह से अंत हो गया था, लेकिन इसके पतन की शुरुआत 11वीं सदी से ही हो गई थी। 
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ब्लू होल, बेलिज - फोटो : Social media
कुछ साल पहले शोधकर्ताओं ने बेलिज के प्रसिद्ध 'ब्लू होल' और उसके आसपास खनिजों का विश्लेषण किया था, जिसके आधार पर उन्होंने कहा था कि 800 से 900 ईस्वी के मध्य यहां एक भयंकर सूखा पड़ा था और उसी की वजह से माया सभ्यता का विनाश हो गया। हालांकि 'लाइव साइंस' की रिपोर्ट कुछ और ही कहती है। उनके मुताबिक, सूखा छठी शताब्दी से लेकर 10वीं शताब्दी तक पड़ा था, जो माया सभ्यता के अंत का कारण बना। 

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माया सभ्यता का कैलेंडर - फोटो : Social media
माना जाता है कि माया सभ्यता के लोगों को कला से लेकर गणित, वास्तुशास्त्र और ज्योतिष जैसे क्षेत्रों में महारत हासिल थी। इसके अलावा खगोलीय ज्ञान में तो वो निपुण थे। उन्होंने एक कैलेंडर भी बनाया था, जिसमें विभिन्न धार्मिक त्योहारों और खगोलीय घटनाओं का वर्णन मिलता है। इसे माया सभ्यता का कैलेंडर कहा जाता है। शायद आपको पता न हो, लेकिन माया सभ्यता के कैलेंडर में ही इस बात की भविष्यवाणी की गई थी कि 2012 में दुनिया खत्म हो जाएगी। हालांकि यह भविष्यवाणी गलत साबित हुई थी। 
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माया सभ्यता के खंडहर - फोटो : Social media
वैसे माना सभ्यता की शासन व्यवस्था के बारे में तो कोई खास जानकारी नहीं है, लेकिन माना जाता है कि माया शासक सामान्यतः पुरुष ही हुआ करते थे। कभी कभार ही रानियां शासन करती थीं। इस सभ्यता में राजा का पद पैतृक होता था, जिसके मुताबिक उसकी मौत के बाद उसका बड़ा बेटा ही राजा बनेगा। ऐसा माना जाता है कि राजा के सिंहासन पर बैठते समय देवताओं को खुश करने के लिए इंसानों की बलि भी दी जाती थी। 
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चीचेन इट्जा, मेक्सिको - फोटो : Social media
मेक्सिको में मौजूद चीचेन इट्जा को माया सभ्यता द्वारा बनाया गया एक बड़ा शहर और प्रमुख केंद्र माना जाता है। यह यूनेस्को के विश्व धरोहर स्थलों में शामिल है। चिचेन इट्जा में आकर्षण का केंद्र पिरामिड एल कैस्टिलो है। पहले पर्यटक इसपर चढ़ते थे, लेकिन बाद में इसपर रोक लगा दी गई। फिलहाल यहां की करीब 42 मीटर ऊंची नोहच मुल ही एकमात्र ऐसी माया पिरामिड है, जिसपर पर्यटकों को चढ़ने की अनुमति है। 
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