क्यों हुई इतना ज्यादा बारिश?
मौसम विभाग (IMD) ने बताया कि अरब सागर से आ रही लगातार नमी वाली हवाएं और मजबूत दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के कारण इतना अधिक बारिश हुई है। बारिश का असर उंबरगांव, वलसाड और आसपास के कई इलाकों में देखने को मिला है। इन जगहों पर लगातार कई घंटों तक तेज बारिश होती रही। इसके कारण नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। कई इलाकों में सड़कों पर पानी आ गया, जिसके कारण वाहन बीच रास्ते में फंस गए। रेलवे ट्रैक पर पानी भरने के कारण ट्रेनों की आवाजाही भी प्रभावित हुई। स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (SEOC) के अनुसार, उंबरगांव में सबसे अधिक 906 मिमी बारिश दर्ज की गई।
इसके साथ ही कपराडा में 731 मिमी, नानापोंधा में 643 मिमी, धरमपुर में 499 मिमी, पारडी में 448 मिमी, वांसदा में 435 मिमी, वापी में 413 मिमी और वलसाड शहर में 403 मिमी बारिश हुई है। तापी जिले के डोलवन में 378 मिमी और डांग जिले के वघई में 369 मिमी बारिश दर्ज की गई है। इन आंकड़ों से पता चलता है कि दक्षिण गुजरात के कई इलाकों में एक ही दिन में बहुत अधिक बारिश हुई।
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मौसम विभाग के मुताबिक, वर्तमान में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून गुजरात के ऊपर काफी मजबूत बना है। अरब सागर से लगातार नमी से भरी हवाएं गुजरात की ओर आ रही हैं। इसके साथ ही पश्चिम भारत के ऊपर बना मौसम का सिस्टम भी लंबे समय तक एक ही क्षेत्र में बना रहा। इसके कारण लगातार उसी क्षेत्र में बारिश होती रही और कुछ ही घंटों में बहुत अधिक बारिश हो गई। अधिक बारिश के कारण बाढ़ जैसी स्थिति बन गई।
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मौसम विभाग का कहना है कि अगर 24 घंटे में 204.5 मिमी या उससे अधिक होने पर ज्यादा भारी बारिश माना जाता है। लेकिन गुजरात के कई इलाकों में इससे दो, तीन और कुछ जगहों पर चार गुना तक अधिक बारिश हुई है। सबसे ज्यादा 906 मिमी बारिश उंबरगांव में दर्ज हुई है, जो सामान्य सीमा से कई गुना अधिक है। मौसम विभाग ने गुजरात के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका जताई है।