नोपल कैक्टस
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अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा
रिसर्च से ही पता चला है कि भुनी हुई कॉफी की तलछट को खाद के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। मशरूम पैदा करने के लिए तो ऐसी खाद बहुत ही मुफीद है। जानकार, नोपल को हरा सोना कहते हैं। उनका कहना है कि नोपल से अभी तक जितने उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं, वो अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा हैं।
अभी इससे और क्या- क्या उत्पादन किया जा सकता है, इस पर रिसर्च जारी है। यही नहीं एवोकाडो का कचरा भी रचनात्मक तरीके से इस्तेमाल करने पर रिसर्च जारी है। इससे भी जैव-ईंधन निकालने पर काम किया जा रहा है। कोशिश की जा रही है कि जैव-ईंधन का इतना उत्पादन कर लिया जाए कि जीवाश्म ईंधन का प्रयोग कम हो जाए, लेकिन जानकारों के मुताबिक ये काम इतना आसान नहीं है और न ही जैव-ईंधन, जीवाश्म ईंधन को पूरी तरह खत्म कर सकते हैं।
अगर जैव-ईंधन किसी और उत्पाद से निकाले जाते हैं, तब तो ठीक है। सिर्फ ईंधन के लिए इनकी खेती की जाए, तो ये फायदे का सौदा नहीं है, लेकिन मेक्सिको में जिस पैमाने पर नोपल से तेल निकाला जा रहा है उससे लगता है कि वहां बहुत जल्द जैव-ईंधन यानी रिन्यूएबल एनर्जी का विकल्प बन कर सामने आएगा।