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Viral: बेंगलुरु में बैचलर्स के फ्लैट पर रातभर मेहमान बनी लड़कियां, सोसायटी ने ठोका 5 हजार रुपये का फाइन

Thu, 04 Dec 2025 04:59 PM IST
दीक्षा पाठक फीचर डेस्क, अमर उजाला

सार

Viral Post: लिव-इन का दौर हो या आज की मॉडर्न सोच, युवाओं की लाइफस्टाइल पहले से कहीं ज्यादा खुली और प्रैक्टिकल हो चुकी है। फिर भी लड़के-लड़कियों की दोस्ती को लेकर समाज का नजरिया कई जगह अब भी पुराना ही है। इसका ताजा उदाहरण बेंगलुरु की एक सोसायटी में देखने को मिला, जहां कुछ बैचलर्स पर सिर्फ इसलिए जुर्माना ठोक दिया गया क्योंकि उनके घर पर लड़कियां पूरी रात ठहरी थीं।

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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : freepik.com
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विस्तार
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बेंगलुरु की एक सोसायटी का अजीबोगरीब नियम इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का बड़ा मुद्दा बन गया है। मामला ऐसा है कि पढ़कर किसी को भी गुस्सा और हंसी दोनों आ सकती है। आम तौर पर यह तय करना कि आपके घर कौन आएगा और कौन नहीं, पूरी तरह आपकी निजी पसंद होती है। लेकिन यहां मामला बिल्कुल उलट है। सोसायटी ने बैचलर्स के घर रात में कोई मेहमान रुकने पर सीधे-सीधे फाइन ठोक दिया है। आइए जानते हैं कि पूरा मामला क्या है।

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सोशल मीडिया पर वायरल हुआ पोस्ट
पूरा मामला तब सामने आया जब रेडिट पर एक यूजर ने अपनी सोसायटी द्वारा भेजा गया इनवॉइस शेयर किया। इस इनवॉइस में साफ-साफ लिखा था कि एक रात उसके फ्लैट में दो लड़कियां रुकी थीं और इसी वजह से पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। यह देखकर लोग हैरान रह गए कि आखिर यह कैसा नियम है। दरअसल सोसायटी में एक सख्त गाइडलाइन बनाई गई है कि अगर आप बैचलर हैं तो आपके यहां कोई भी मेहमान रात भर नहीं रुक सकता। चाहे वह दोस्त हो, रिश्तेदार हो या कोई और। वहीं दूसरी तरफ फैमिली फ्लैट्स को इस नियम से बाहर रखा गया है। वहां मेहमानों के रुकने में कोई दिक्कत नहीं है। यानी साफ है कि सोसायटी बैचलर्स और फैमिली वालों के बीच अलग तरह के नियम लागू कर रही है।

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रेडिट पर पोस्ट कर यूजर ने उठाया यह सवाल
रेडिट पर पोस्ट करने वाले शख्स ने यह सवाल उठाया कि आखिर यह भेदभाव क्यों? वह भी उतना ही किराया, उतनी ही मेंटेनेंस और उतने ही चार्जेज देता है जितना कोई फैमिली। फिर बैचलर्स के लिए अलग नियम बनाना कहां तक सही है? उसने लिखा कि भले ही मामला देखने में छोटा लगे, लेकिन सोसायटी का यह रवैया बिल्कुल ठीक नहीं है। यूजर इस फाइन के खिलाफ एक्शन लेने की सोच रहा है। उसका कहना है कि ऐसे नियम लोगों की प्राइवेसी और स्वतंत्रता दोनों पर असर डालते हैं। हर किसी को यह अधिकार है कि वह अपने घर में किसे बुलाए और किसे रात में रुकने दे। सोसायटी का इस तरह दखल देना गलत है।

पोस्ट पर लोगों ने दी ऐसी प्रतिक्रिया
पोस्ट वायरल होने के बाद इंटरनेट पर भी लोगों की प्रतिक्रियाएं बरसनी शुरू हो गईं। कई यूजर्स ने सुझाव दिया कि अगर शख्स के पास पैसा और समय है, तो उसे लीगल एक्शन लेना चाहिए, क्योंकि यह मामला सीधे-सीधे व्यक्तिगत अधिकारों से जुड़ा है। कुछ यूजर्स ने तो सोसायटी का नाम सार्वजनिक करने और इसे सोशल मीडिया पर एक्सपोज़ करने की भी सलाह दी। उनका कहना था कि इस तरह के बेबुनियाद नियमों का खुलकर विरोध होना चाहिए, ताकि बाकी सोसायटीज भी ऐसे मनमाने फैसले लेने से पहले सोचें।

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