सोचिए, आप किसी शहर के पार्क में घूमने जाएं और वहां फूलों के साथ टमाटर, स्ट्रॉबेरी, प्याज और बीन्स उगते दिखाई दें। इतना ही नहीं, आप अपनी जरूरत के हिसाब से इन्हें तोड़कर घर भी ले जा सकते हैं और इसके लिए कोई पैसा भी नहीं देना पड़े। सुनने में भले ही यह किसी फिल्म की कहानी जैसा लगे, लेकिन जर्मनी के एंडेरनाच शहर में यह हकीकत है। राइन नदी के किनारे बसा यह शहर अपनी इसी अनोखी पहल के कारण 'एडिबल सिटी' यानी 'खाने योग्य शहर' के नाम से पहचाना जाने लगा है। तो आइए जानते हैं।
पार्कों में फूल नहीं, उगाई जाती हैं सब्जियां
एंडेरनाच की म्युनिसिपालिटी ने शहर के पार्कों और सार्वजनिक जगहों को सिर्फ खूबसूरत बनाने के लिए फूलों और सजावटी पौधों तक सीमित नहीं रखा। यहां फल और सब्जियां भी उगाई जाती हैं। इन जगहों पर लगे बोर्ड पर 'Pflücken erlaubt' लिखा होता है। जर्मन भाषा के इस वाक्य का मतलब है, 'तोड़ने की अनुमति है'। यानी लोग यहां उगी सब्जियां और फल अपनी जरूरत के मुताबिक तोड़ सकते हैं।
2010 में हुई थी शुरुआत
इस अनोखी पहल की शुरुआत साल 2010 में हुई थी। तब शहर में सबसे पहले 101 किस्म के टमाटर लगाए गए थे। इसका मकसद लोगों को खेती और जैव विविधता यानी बायोडायवर्सिटी के प्रति जागरूक करना था। धीरे-धीरे इस पहल का दायरा बढ़ता गया। बाद में यहां आलू, प्याज, गोभी, बीन्स, स्ट्रॉबेरी और कई तरह की जड़ी-बूटियां भी उगाई जाने लगीं।
न कोई रोकता है, न कोई पैसे मांगता है
इस पहल की सबसे खास बात यह है कि लोगों को अपनी जरूरत के हिसाब से फल-सब्जियां तोड़ने की आजादी है। बताया गया है कि लोग इसका गलत फायदा भी नहीं उठाते। इस मॉडल से शहर को कुछ दूसरे फायदे भी हुए। पार्कों की सुरक्षा पर होने वाला खर्च कम हुआ और स्थानीय स्तर पर काम की तलाश कर रहे लोगों को इन जगहों की देखभाल का काम मिला। एंडेरनाच का यह मॉडल अब सिर्फ जर्मनी तक सीमित नहीं है। अमेरिका और यूरोप के कई देश इस अनोखे मॉडल को अपनाने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। इस पहल से जुड़ी पोस्ट इंस्टाग्राम पर शेयर की गई है, जिसे अब तक 22 हजार से ज्यादा लाइक्स मिल चुके हैं।