आज का दौर Gen Z का है। सोशल मीडिया के आज के इस दौर में लोग आसानी से अपनी क्रिएटिविटी दिखा सकते हैं। फिर चाहे वो बच्चे हो या बड़े। हालांकि, लोगों का कहना है कि इन सब में बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। दरअसल, कोरोना काल से ही बच्चे डिजिटली अपनी पढ़ाई लिखाई कर रहे हैं और मोबाइल फोन के इस कदर आदी हो गए हैं कि उनका ध्यान अब पढ़ाई से हटता जा रहा है। यह हम नहीं कह रहे हैं, बल्कि बेंगलुरु स्थित एक कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने एक पोस्ट कर के इस बात को प्रूफ किया है। उनकी पोस्ट के वायरल होने के बाद हर कोई बच्चों के भविष्य को लेकर काफी चिंतित नजर आ रहा है। आइए जानते हैं कि इस पोस्ट में क्या लिखा है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ पोस्ट
सोशल मीडिया पर अब वायरल हो रहे एक पोस्ट में आशीष गुप्ता ने दावा किया कि जेन जी इंस्टाग्राम एल्गोरिदम को तो क्रैक कर सकता है, लेकिन वे नॉर्मल गणित में संघर्ष करते हैं। कैंपस भर्ती के अपने अनुभव को साझा करते हुए आशीष गुप्ता ने बताया कि उन्होंने 50 से अधिक विद्यार्थियों से एक सरल गणित का प्रश्न पूछा था, ऐसा प्रश्न जो आमतौर पर कक्षा 5 में पढ़ाया जाता है। उन्हें हैरानी हुई कि केवल दो विद्यार्थी ही इसका सही उत्तर दे पाएं।
स्टूडेंट्स से पूछा गया यह सवाल
उन्होंने अपनी पोस्ट में कहा, "हाल ही में, मैंने नए बच्चों को भर्ती करने के लिए एक पॉपुलर कैंपस का दौरा किया। बीबीए, बीसीए और बाकी डिग्रियों से टैलेंटेड स्टूडेंट्स आएं। 50 से ज्यादा स्टूडेंट्स के साथ बातचीत के दौरान, मैंने उनसे कक्षा 5 का एक मैथ का सवाल पूछा। सवाल था कि अगर कोई कार पहले 60 किमी 30 किमी/घंटा की गति से तथा अगले 60 किमी 60 किमी/घंटा की गति से चलती है, तो उसकी औसत गति क्या होगी?"
सोशल मीडिया ट्रेंड्स में माहिर है जेन जी
आशीष गुप्ता ने लिखा, "फिर भी, जब मैंने उनसे पूछा कि वे हमारे प्रोडक्ट की मार्केटिंग कैसे करेंगे, तो उनके पास इंस्टाग्राम रील्स, वायरल कंटेंट और डिजिटल ट्रेंड्स के बारे में बहुत सारी जानकारी थी।" उन्होंने कहा, "इससे एक कठोर सच्चाई उजागर होती है। जनरेशन Z सोशल मीडिया में के लिए टैलेंटेड है, लेकिन उनमें आम समस्या-समाधान और वित्तीय साक्षरता का अभाव है। अगर यह ट्रेंड जारी रहे, तो हमारे पास एक ऐसी पीढ़ी होगी, जो निर्णय लेने जैसी समस्याओं से जूझ सकती है।"