आर्टिस्ट ने रेत के लड्डू से बनाई भगवान गणेश की प्रतिमा
- फोटो : Twitter @sudarsansand
Ganesh Chaturthi 2022: भगवान गणेश को रिद्धि-सिद्धि और सुख-समृद्धि देने वाला माना जाता है। भगवान गणेश की आराधना करने से जीवन में चल रही परेशानियां दूर होती हैं और मनोकामनाएं पूरी होती हैं। हर साल भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को गणेश चतुर्थी का त्योहार मनाया जाता है। आज यानी बुधवार से गणेश उत्सव शुरुआत हो चुका है जो 10 दिनों तक चलेगा।
धार्मिक पुराणों के मुताबिक, भाद्रपद माह के शुक्लपक्ष की चतुर्थी तिथि को विघ्नहर्ता और रिद्धि-सिद्धि के दाता भगवान गणेश का जन्म हुआ था। इसकी वजह से भाद्रपद माह के शुक्लपक्ष की चतुर्थी का विशेष महत्व होता है। आज से लोग अपने-अपने घरों और पंडालों में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करते हैं और विधिवत पूजा-अर्चना करते हैं। इस मौके पर लोग एक दूसरे को शुभकामनाएं भी देते हैं। इस मौके पर पद्मश्री पुरस्कार विजेता और भारत के सबसे बड़े सैंड आर्टिस्ट सुदर्शन पटनायक ने अनोखे अंदाज में देशवासियों को गणेश चतुर्थी की बधाई दी है।
सैंड आर्टिस्ट सुदर्शन पटनायक ने ओडिशा में स्थित पुरी समुद्र तट पर रेत से भगवान गणेश की प्रतिमा बनाई है। उन्होंने इस प्रतिमा को बनाने के लिए रेत के बने 3,425 लड्डू और कुछ फूलों का इस्तेमाल किया है। उन्होंने भगवान गणेश की मूर्ति हरे रंग की बनाई है जिसमें एक खास संदेश छिपा हुआ है।
सुदर्शन पटनायक ने भगवान गणेश की मूर्ति के साथ ही रेत से हाथी भी बनाए हैं। उनके द्वारा हैप्पी गणेश पूजा के साथ बनाई गई भगवान गणेश की मूर्ति छह फीट ऊंची है। उन्होंने अपने शुभकामना संदेश में दो हाथियों को पर्यावरण की रक्षा लिए प्रार्थना करते हुए दिखाया है।
विश्व चैंपियन सैंड आर्टिस्ट सुदर्शन पटनायक को पद्म पुरस्कार से भी सम्मानित किया गाय है। वह हमेशा अपनी कला के जरिए जागरूकता फैलाते हैं। पटनायक ने 60 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय रेत कला उत्सवों और चैंपियनशिप में हिस्सा लिया है और कई पुरस्कार जीते हैं।
सुदर्शन पटनायक हर छोटे बड़े मौके पर रेत से आर्ट बनाते हैं और सोशल मीडिया शेयर करते हैं। लोग उनकी कला की खूब सराहना करते हैं। उड़ीसा के रहने वाले सुदर्शन पटनायक अपनी आर्ट के लिए पूरी दुनिया में जाते हैं।