एफबीआई ने अमेरिका के अलबामा राज्य के हंट्सविले शहर में एक नकली शहर बनाया है। सबसे खास बात यह है कि इस शहर में कोई आम नागरिक नहीं रहता है। इस शहर को पूरी तरह से साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण के लिए तैयार किया गया है। यहां पर अस्पताल, होटल, गैस स्टेशन, अदालत और बिजली कंपनी जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे अधिकारियों को वास्तविक परिस्थितियों में साइबर हमलों से निपटने की ट्रेनिंग दी जा सके।
22 हजार वर्गफुट में बना है अनोखा शहर
अमेरिकी जांच एजेंसी ने इस प्रोजेक्ट का नाम काइनेटिक साइबर रेंज रखा है। करीब 22,000 वर्गफीट में फैला यह ट्रेनिंग सेंटर अमेरिका के किसी छोटे शहर की तरह नजर आता है। शहर में सड़कें, ट्रैफिक लाइट, दुकानें, अस्पताल और अन्य जरूरत की चीजें उपलब्ध हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि इस शहर में कोई नहीं रहता है। इस पूरे शहर को साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों और जांच अधिकारियों के प्रशिक्षण के लिए बनाया गया है।
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असली हमलों से स्थिति में होती है ट्रेनिंग
एफबीआई मानती है कि साइबर सुरक्षा के प्रशिक्षण सिर्फ किताबों और क्लासरूम तक सीमित नहीं रह सकती। इसलिए इस शहर में इस तरह डिजिटल सिस्टम लगाए गए हैं, जो वास्तविक दुनिया में इस्तेमाल किए जाने वाले तकनीकों जैसे ही हैं। प्रशिक्षण के दौरान ट्रेनर जानबूझकर अस्पतालों, बिजली नेटवर्क या अन्य जरूरी सेवाओं पर साइबर नकली हमले करते हैं। इसके बाद अधिकारियों को बेहद कम समय में समस्या खोजनी होती है और सिस्टम को फिर सामान्य करना होता है। इस पूरी प्रक्रिया एक सुरक्षित वातावरण में करना होता है जिससे आम लोगों या वास्तविक नेटवर्क पर कोई खतरा पैदा नहीं होता।
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गंभीर चुनौती बन चुका है साइबर अपराध
दुनियाभर में साइबर अपराध एक गंभीर समस्या बन चुका है। एफबीआई के आंकड़ों में बताया गया है कि अमेरिका में साइबर अपराधों से लगातार नुकसान बढ़ते जा रहे हैं। हाल के वर्षों यह आंकड़ा 20.9 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है। यह बीते साल की तुलना में करीब 26 प्रतिशत ज्यादा है। विशेषज्ञों का कहना है कि रैंसमवेयर हमलों का सबसे खतरा है। इस तरह हैकर्स किसी संस्था के डिजिटल सिस्टम को लॉक कर देते हैं और सबसे बड़ी बात यह है कि दोबारा चालू करने फिरौती की मांग करते हैं। इस नकली शहर में इस्तेमाल होने वाले सभी उपकरण और नेटवर्क वास्तविक हैं। अभी तक 1400 से ज्यादा लोगों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।