मेयर समय पर नहीं पहुंचे तो चल दी ट्रेन
- फोटो : एक्स@ramanmann1974
समय की कीमत हर जगह एक जैसी होती है। अगर कोई समय पर नहीं पहुंचता तो उसे उसका नतीजा भी भुगतना पड़ता है। चाहे वह आम इंसान हो या फिर कोई बड़ा नेता। मैक्सिको से सामने आया एक ऐसा ही मामला इन दिनों सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच रहा है। इस घटना ने यह दिखा दिया कि सार्वजनिक व्यवस्था में समय सबसे ऊपर होता है। तो आज की इस खबर में हम आपको एक ऐसे ही वीडियो के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
यह मामला मैक्सिको के जलिस्को राज्य का बताया जा रहा है। यहां शहर के दक्षिणी इलाके के लोगों के लिए लाइट रेल लाइन 4 की शुरुआत की गई। यह एक बड़ी और अहम परियोजना मानी जा रही है। इस रेल लाइन पर तीन साल से ज्यादा समय तक काम चला। आखिरकार इसे जनता के लिए खोल दिया गया। इस मौके पर एक उद्घाटन समारोह भी रखा गया था।
उद्घाटन से पहले किए गए खास इंतजाम
उद्घाटन के दिन पहली ट्रेन यात्रा को लेकर खास इंतजाम किए गए थे। कई अधिकारी और खास मेहमान इस ऐतिहासिक पल का हिस्सा बनने पहुंचे थे। इसी पहली ट्रेन में तलजोमुलको शहर के मेयर क्विरिनो वेल्जक्वेज को भी सवार होना था। लेकिन स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मेयर तय समय पर प्लेटफॉर्म पर नहीं पहुंच पाए।
मेयर समय पर नहीं पहुंचे तो चल दी ट्रेन
इसी बीच जो हुआ, उसने सबको चौंका दिया। तय समय पूरा होते ही ट्रेन के दरवाजे बंद कर दिए गए। ट्रेन बिना किसी देरी के प्लेटफार्म से रवाना हो गई। मेयर उस समय प्लेटफॉर्म पर पहुंचे, जब ट्रेन चल चुकी थी। वह वहीं खड़े रह गए और ट्रेन को जाता हुआ देखते रहे। यह पूरा दृश्य वहां मौजूद लोगों ने अपने मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया। सबसे खास बात यह रही कि ट्रेन को रोकने की कोई कोशिश नहीं की गई। किसी तरह का वीआईपी प्रोटोकॉल लागू नहीं किया गया। न ही उद्घाटन कार्यक्रम को बदला गया। पूरा कार्यक्रम योजना के अनुसार चलता रहा। अधिकारियों ने साफ संदेश दिया कि नियम और समय सभी के लिए बराबर हैं।
लोगों ने वीडियो पर दी ऐसी प्रतिक्रियाएं
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो में देखा जा सकता है कि मेयर प्लेटफॉर्म पर खड़े हैं और ट्रेन धीरे-धीरे स्टेशन से बाहर निकल रही है। यह नजारा लोगों को हैरान करने के साथ-साथ मुस्कुराने पर भी मजबूर कर रहा है। सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लेकर जमकर प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कई यूजर्स ने इस फैसले की तारीफ की है। लोगों का कहना है कि सार्वजनिक परिवहन में समय की पाबंदी सबसे जरूरी होती है। चाहे सामने कोई नेता ही क्यों न हो। कुछ यूजर्स ने मजाकिया अंदाज में लिखा कि यहां तो ट्रेन भी नेताओं का इंतजार नहीं करती।