सार
Viral Video: बताया जा रहा है कि यह वीडियो एनसीआर के एक हाई-राइज अपार्टमेंट की करीब दसवीं मंजिल से बनाया गया है, जहां से नीचे की सड़कें, गाड़ियां, पेड़ और कॉलोनियां तक घने स्मॉग में पूरी तरह गायब नजर आ रही हैं।
सुबह का वक्त था। हल्की धूप फैल रही थी और खिड़की से बाहर का नजारा किसी सपने जैसा लग रहा था। सामने सफेद चादर की तरह फैला हुआ दृश्य, नीचे कुछ भी साफ दिखाई नहीं दे रहा था और दूर-दूर तक ऊंची इमारतें ऐसे दिख रही थीं, मानो बादलों के बीच खड़ी हों। पहली नजर में यह किसी हिल स्टेशन या पहाड़ों की वादियों जैसा लगता है। लेकिन जैसे ही सच्चाई समझ आती है, यह खूबसूरत तस्वीर डर में बदल जाती है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह वीडियो दरअसल एनसीआर की जहरीली हवा की हकीकत दिखाता है। जिसे लोग बादल समझ रहे हैं, वह असल में घना स्मॉग है, जिसने पूरे इलाके को अपनी गिरफ्त में ले लिया है। तो आज की इस खबर में हम आपको इसी वीडियो के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
बताया जा रहा है कि यह वीडियो एनसीआर के एक हाई-राइज अपार्टमेंट की करीब दसवीं मंजिल से रिकॉर्ड किया गया है। ऊपर से देखने पर नीचे की दुनिया पूरी तरह गायब नजर आती है। सड़कें, गाड़ियां, पेड़, पार्क और रिहायशी कॉलोनियां, सब कुछ धुएं की मोटी परत में छिप गया है। ऊंचे टावर स्मॉग के समुद्र से बाहर निकलते हुए नजर आते हैं, जिससे यह भ्रम पैदा होता है कि इमारतें बादलों के ऊपर खड़ी हैं। मगर यह नजारा जितना शांत दिखता है, उतना ही खतरनाक है।
वीडियो पर लोगों ने दिए ऐसे रिएक्शंस
सोशल मीडिया पर इस वीडियो के सामने आते ही लोग हैरान रह गए। कई यूजर्स ने लिखा कि एनसीआर अब धीरे-धीरे रहने लायक नहीं बचा है। कुछ लोगों ने इसे भविष्य की डरावनी झलक बताया, जहां साफ हवा सिर्फ यादों में रह जाएगी। वहीं कई यूजर्स का कहना है कि हर साल सर्दियों में यही हाल होता है, फिर भी स्थायी समाधान क्यों नहीं निकल पाता। लोग सवाल कर रहे हैं कि आखिर कब तक बच्चे, बुजुर्ग और आम लोग इस जहरीली हवा में सांस लेने को मजबूर रहेंगे।
लोग नहीं लेना चाहते दिल्ली एनसीआर में घर
वीडियो को अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर किया गया है और इसे लाखों लोग देख चुके हैं। हजारों यूजर्स ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। किसी ने लिखा कि दिल्ली-एनसीआर में घर लेने का मतलब ही यही है कि कुछ महीनों तक धुंध में जीना पड़ेगा। एक और यूजर ने कहा कि पहली नजर में यह स्वर्ग जैसा लगा था, लेकिन असलियत में यह नर्क से कम नहीं है। किसी ने लिखा कि राजधानी का दम घुट रहा है और लोग सिर्फ शिकायतें करते रह जाते हैं।