हाथ में फोन लेकर पिता की लाश के पास बैठी थी लड़की
- फोटो : इंस्टाग्रामrealistictrolls
आज के समय में सोशल मीडिया का क्रेज लोगों के सिर चढ़कर बोल रहा है। हर दूसरा इंसान अपने फोन में कैमरा ऑन करता है और रील बनाना शुरू कर देता है। चाहे जगह कोई भी हो, माहौल कैसा भी हो। लेकिन अब तो हाल ये हो गया है कि लोग ये भी नहीं सोचते कि क्या कर रहे हैं और कहां कर रहे हैं। कुछ रील्स तो ऐसी होती हैं जिन्हें देखकर गुस्सा आता है और दिमाग सुन्न पड़ जाता है। हाल ही में एक ऐसा ही वीडियो वायरल हुआ है जिसने हर किसी को झकझोर दिया। इस रील पर लोग भड़क गए हैं। आइए जानते हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
इस वीडियो में जो नजारा दिखता है, वो सच में इंसानियत पर सवाल खड़े कर देता है। दरअसल एक घर में बुजुर्ग व्यक्ति की मौत हो गई थी। माहौल बेहद गमगीन था। घर में रोने की आवाजें गूंज रही थीं, रिश्तेदार और पड़ोसी सब इकट्ठा थे। लेकिन इसी बीच वहां एक महिला कुछ ऐसा करती दिखी कि लोग दंग रह गए। वीडियो में देखा गया कि वो महिला, जो खुद उस बुजुर्ग की बेटी बताई जा रही है, अपने पिता की लाश के पास बैठी है। वो रो रही है, लेकिन रोते-रोते भी उसके हाथ में मोबाइल है। वो उसी वक्त रील बना रही है! किसी को भी देखकर भरोसा नहीं हुआ कि कोई अपनी इतनी बड़ी निजी त्रासदी के वक्त भी सोशल मीडिया का ख्याल रख सकता है।
हाथ में फोन लेकर पिता की लाश के पास बैठी थी लड़की
क्लिप में साफ दिखता है कि वो जोर-जोर से रो रही है और कैमरे के सामने ऐसे रिएक्ट कर रही है जैसे किसी फिल्म का सीन शूट हो रहा हो। आसपास बैठी महिलाएं भी उसे बड़ी हैरानी से देखती हैं, मानो सोच रही हो, “क्या वाकई ये रील बना रही है?” वीडियो में एक पल तो ऐसा भी आता है जब वो कैमरे को अपने पिता की लाश की तरफ घुमाती है और फिर खुद के चेहरे पर वापस लाती है।
वीडियो पर यूजर्स ने दिए ऐसे रिएक्शंस
जब ये वीडियो सोशल मीडिया पर आया तो देखते ही देखते वायरल हो गया। लोगों ने जमकर रिएक्शन दिए। किसी ने लिखा, “अब बस यही देखना बाकी रह गया था।” तो कोई बोला, “कलयुग में ऐसा ही होना बाकी था, जहां लोगों को अपने दर्द से ज्यादा कैमरे की फिक्र है।” एक यूजर ने गुस्से में लिखा, “अब लोगों को रील नहीं, इंसानियत सीखने की जरूरत है।” कई लोगों ने ये भी कहा कि सोशल मीडिया की इस दौड़ में लोग असली भावनाएं खोते जा रहे हैं। किसी की मौत जैसी संवेदनशील घड़ी में भी अगर कोई कंटेंट के बारे में सोच सकता है तो वाकई वक्त बहुत बदल गया है।