फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Viral News: मरे हुए पिता का मैसेज देख बेटी के उड़े होश, मम्मी ने बताया-40 साल पहले कह चुके थे दुनिया को अलविदा

Thu, 16 Oct 2025 01:36 PM IST
दीक्षा पाठक फीचर डेस्क, अमर उजाला

सार

Viral News: शार्लोट एक नॉर्मल दिन बिताकर जब घर लौटीं तो रोज़ की तरह अपना फोन चेक करने लगीं। उन्होंने स्पैम फोल्डर खोला तो वहां उन्हें एक अनजाना संदेश दिखा। उस पर लिखा था,“मैं तुम्हारा पिता हूं।” ये मैसेज भेजने वाले शख्स का नाम था रे विंसेंट।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : freepik.com
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सोचिए अगर आपको अचानक पता चले कि जिसके बारे में आपने हमेशा ये माना कि वो अब इस दुनिया में नहीं है। वो जिंदा है तो आपके दिल पर क्या बीतेगी? ठीक यही कहानी है इंग्लैंड की रहने वाली 46 साल की शार्लोट विंसेंट की। एक रात फेसबुक पर मिला एक मैसेज उनकी पूरी जिंदगी बदल गया। तो आज की इस खबर में हम आपको इसी घटना के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं।
विज्ञापन


सोशल मीडिया पर वायरल हुई यह घटना
शार्लोट एक नॉर्मल दिन बिताकर जब घर लौटीं तो रोज़ की तरह अपना फोन चेक करने लगीं। उन्होंने स्पैम फोल्डर खोला तो वहां उन्हें एक अनजाना संदेश दिखा। उस पर लिखा था,“मैं तुम्हारा पिता हूं।” ये मैसेज भेजने वाले शख्स का नाम था रे विंसेंट। शार्लोट के पैरों तले जमीन खिसक गई क्योंकि उन्हें बचपन से यही बताया गया था कि उनके पिता अब इस दुनिया में नहीं हैं।

मरे हुए पिता ने किया बेटी को मैसेज
बचपन में उनकी मां अमांडा ने कहा था कि तलाक के बाद उनके पिता समुद्र में डूबकर मर गए थे। छोटी-सी शार्लोट ने उस दर्दनाक खबर को ही सच मान लिया और कभी सवाल नहीं किया। मां ने दूसरी शादी कर ली और उन्होंने अपने सौतेले पिता को ही असली पिता मान लिया। चार दशक तक शार्लोट यही मानती रहीं कि उनके असली पिता की मौत हो चुकी है। लेकिन अब सामने बैठे इस फेसबुक प्रोफाइल की तस्वीर कुछ और ही कह रही थी। तस्वीर देखकर उन्हें यकीन हो गया कि ये वही चेहरा है जिसे उन्होंने बचपन में एक झलक में देखा था। आंखों से आंसू बह निकले। जिस शख्स को वो मरे हुए मानती थीं, वो असल में जिंदा था।
विज्ञापन


बेटी को किया संदेश भेजने का प्रयास
असलियत ये थी कि रे विंसेंट कभी अपनी बेटी को भूले ही नहीं थे। उन्होंने हमेशा उसके लिए गुजारा भत्ता भेजा, लेकिन हालात ऐसे रहे कि मुलाकात नहीं हो पाई। फिर 2022 में उन्होंने टीवी पर एक शो “ग्रेट ब्रिटिश मेन्यू” देखा। उसमें जब शार्लोट आईं तो रे तुरंत पहचान गए कि ये उनकी बेटी है। उन्होंने कई बार उसे मैसेज भेजने की कोशिश की, लेकिन सारे संदेश जंक फोल्डर में चले जाते थे। फिर अगस्त की उस रात किस्मत ने करवट बदली। शार्लोट को आखिरकार वो मैसेज दिख गया। शुरुआत में उन्हें विश्वास नहीं हुआ, लेकिन जैसे-जैसे बातचीत आगे बढ़ी, उनके दिल को भरोसा हो गया। उसी रात उन्होंने घंटों अपने पिता से चैट की। चार दिनों तक लगातार दोनों बातें करते रहे और फिर आखिरकार मिलने का दिन आया।

बेटी और पिता मिले
जब पिता-बेटी आमने-सामने हुए तो शार्लोट बस एक शब्द बोल पाईं, “डैड।” दोनों ने गले लगाकर खूब रोया। इतने वर्षों का दर्द, दूरी और अधूरापन उस पल में बह निकला। शार्लोट का कहना है कि उस दिन उन्हें ऐसा लगा जैसे उनकी जिंदगी का अधूरा हिस्सा फिर से पूरा हो गया। उन्होंने कहा, “मैंने हमेशा महसूस किया था कि मेरी जिंदगी में कुछ कमी है और अब वो कमी पूरी हो गई है।”
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें