कोच्चि जिले के जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एनके कुट्टप्पन ने बताया, 'हम रैपिड टेस्ट किट्स जमा कर रहे हैं और जल्दी ही हम उसे कियोस्क तक पहुंचाएंगे। जो लोग घरों में क्वारंटाइन किए गए हैं, उन्हें एंबुलेंस से यहां लाकर उनके सैंपल एकत्रित किए जाएंगे।'
डॉ. मोहन और उनकी टीम के दक्षिण कोरिया में हाल में इस्तेमाल किए बूथ से प्रेरणा लेकर स्थानीय स्तर पर ही इन कियोस्क को तैयार किया है। डॉ. मोहन की टीम में उनके अलावा अस्सिटेंट रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर डॉ. मनोज एंथनी और माइक्रोबायोलॉजिस्ट डॉ. निखिलेश मेनन शामिल थे।
केरल में कियोस्क मॉडल के लॉन्च होने के एक दिन बाद दिल्ली ने अपना कियोस्क तैयार किया है। डॉ. मोहन इस बारे में कहा, 'यह कोई पहले पुरस्कार या दूसरे पुरस्कार की होड़ नहीं है। यह अस्तित्व बचाने की होड़ है। कोई भी इसे तैयार कर सकता है और किसी भी आइडिया का स्वागत है।' फिलहाल कलामसेरी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कोविड-19 से संक्रमित 25 मरीज हैं और यहां अब तक 2000 से ज्यादा लोगों की स्क्रीनिंग हो चुकी है। डॉ. कुट्टप्पन कहते हैं, 'इन कियोस्क को बाद में निजी अस्पतालों में भी लगाया जाएगा।'