शिवाजी महाराज ने 16 साल की उम्र में जीता था पहला युद्ध
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Chhatrapati Shivaji Maharaj: वर्तमान समय में छत्रपति शिवाजी महाराज को लेकर महाराष्ट्र की राजनिति गर्मा गई है। दरअसल, सिंधुदुर्ग के राजकोट किले में स्थापित की गई छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा गिर गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिंधुदुर्ग जिले में 4 दिसंबर, 2023 को नौसेना दिवस पर छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा का अनावरण किया था। आज हम आपको शिवाजी महाराज की रोचक कहानी के बारे में बताते हैं...
छत्रपति शिवाजी महाराज ने साल 1674 में पश्चिमी भारत में मराठा साम्राज्य की स्थापना की थी। इसके साथ ही उन्होंने समुद्री जंग के लिए नौसेना भी बनाई थी। छत्रपति शिवाजी महाराज ने गोवा से लेकर कोंकण तक समुद्री किनारों पर मजबूत नौसेना तैनात की थी, जिससे इन बंदरगाहों से सुरक्षित व्यापार किया जा सके। शिवाजी की नौसेना इतनी शक्तिशाली थी कि ब्रिटिश, पुर्तगाली और डच सेनाओं को हरा देती थी। शिवाजी ने जंगी जहाजों के अलावा कल्याण, भिवंडी और गोवा में जहाज भी बनवाते थे। तट पर ही इन जहाजों की मरम्मत के लिए उन्होंने कई समुद्री किले भी बनवाए। इन्हीं किलों में से सिंधुदुर्ग भी एक है।
शिवाजी ने 16 साल की उम्र में जीता था पहला युद्ध
छत्रपति शिवाजी महाराज एक नौसैनिक रणनीतिकार थे। इसके अलावा वह किले की लड़ाई में माहिर थे। शिवाजी महाराज ने 16 साल से कम उम्र में बीजापुर के तोरणा किले को जीता था। इस किले की वजह से बीजापुर की आदिलशाही सल्तनत के गवर्नर अफजल खान से लड़ाई हुई थी। उन्होंने बघनख से अफजल खान को मौत के घाट उतारकर सबको हैरान कर दिया था। शिवाजी ने 35 साल की उम्र में ही 300 से अधिक किलों पर विजय हासिल कर ली थी। इन किलों की जमीनी और समुद्री रक्षा में अहम भूमिका रही। साल 1674 में शिवाजी को औपचारिक रूप से मराठा साम्राज्य का राजा बनाया गया है। उन्होंने अपने साम्राज्य का विस्तार करते हुए वर्तमान महाराष्ट्र, कर्नाटक और तमिलनाडु के महत्वपूर्ण हिस्सों को शामिल किया।
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समुद्री सीमाओं की रक्षा के लिए बनवाए थे किले
शिवाजी महाराज ने समुद्री सीमाओं की रक्षा के लिए किलों का निर्माण कराया था। इसमें से एक महाराष्ट्र के मालवन तट पर स्थित सिंधुदुर्ग किला भी है, जो एक बेहद अहम नौसैनिक अड्डा भी था। उन्होंने कोंकण तटरेखा की रक्षा के लिए इस किले को बनाया था। इसी तरह उन्होंने कई नौसैनिक किलों का निर्माण कराया था। छत्रपति शिवाजी ने 25 नवंबर, 1664 को सिंधुदुर्ग किले की नींव रखी थी। यह किला करीब 48 एकड़ में फैला है, जिसकी ऊंचाई 30 फीट है। तीन हजार से ज्यादा मजदूरों ने इस किले का निर्माण किया था। इस किले को डच, फ्रांसीसी और पुर्तगालियों के हमले को रोकने के लिए बनाया गया था।
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1654 में रखी थी मराठा नौसैनिक अड्डे की पहली नींव
शिवाजी महाराज ने मराठा नौसैनिक अड्डे की पहली नींव 1654 में रखी थी। उन्होंने कई नौसैनिक अड्डों का निर्माण कराया। इसके अलावा एक बेड़ा बनाया जिसमें 20 युद्धपोत शामिल थे, जो हर समय के युद्ध के लिए तैयार थे। शिवाजी के बेड़े में करीब 500 जंगी जहाज शामिल हो गए थे।