नौकरी की तलाश में कई राउंड के इंटरव्यू देने के बाद जब सिलेक्शन हो जाए तो आमतौर पर कैंडिडेट की खुशी का ठिकाना नहीं रहता। लेकिन दिल्ली के एंटरप्रेन्योर अभिषेक अग्रवाल के साथ एक ऐसा मामला हुआ, जिसने उन्हें भी सोचने पर मजबूर कर दिया। अभिषेक ने सोशल मीडिया पर बताया कि उन्होंने एक कैंडिडेट को तीन हफ्ते में चार राउंड के इंटरव्यू के बाद सेलेक्ट किया था। सैलरी पर बातचीत से लेकर ऑफर देने तक सबकुछ ठीक रहा। कैंडिडेट तय समय पर ऑफिस भी पहुंच गया और करीब 10 मिनट तक लॉबी में बैठा रहा। लेकिन जब अभिषेक उसका स्वागत करने पहुंचे तो कैंडिडेट ने उन्हें धन्यवाद कहा और नौकरी ज्वाइन करने से इनकार कर दिया। तो आज की इस खबर में हम आपको इसी घटना के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं।
ऑफिस का माहौल नेगेटिव है
अभिषेक ने जब उससे इसकी वजह पूछी तो जवाब सुनकर हैरान रह गए। कैंडिडेट ने कहा कि ऑफिस का माहौल नेगेटिव नजर आ रहा है। उसे वहां मौजूद लोग काफी तनाव में दिखे और किसी के चेहरे पर मुस्कान नहीं थी। उसने यहां तक कहा कि एक व्यक्ति मीटिंग रूम से बाहर निकला तो ऐसा लगा जैसे वह गायब हो जाना चाहता हो। इतना कहने के बाद कैंडिडेट ने अभिषेक से हाथ मिलाया और वहां से चला गया।
बॉस ने खुद देखी ऑफिस की हकीकत
पहले तो अभिषेक इस घटना से निराश हुए, लेकिन फिर उन्होंने अपने आसपास नजर दौड़ाई। उन्हें एहसास हुआ कि कैंडिडेट की बात पूरी तरह गलत नहीं थी। खिड़की के पास रखे पौधे सूखे हुए थे, कॉमन लॉबी खाली थी और कर्मचारी रोबोट की तरह काम करते नजर आ रहे थे। यानी जिस बात को समझने में ऑफिस के लोगों को शायद काफी वक्त लगा, उसे कैंडिडेट ने महज 10 मिनट में महसूस कर लिया था।
जिस कैंडिडेट ने नौकरी ठुकराई, उसी ने बदल दिया ऑफिस
इसके बाद अभिषेक ने उस कैंडिडेट को दोबारा ऑफिस बुलाया और माहौल बदलने में मदद करने को कहा। कैंडिडेट ने इस बात को सकारात्मक तरीके से लिया और उनकी मदद की। अभिषेक के मुताबिक, अगले तीन महीनों में ऑफिस का माहौल काफी बदल गया। कर्मचारी रिटेंशन 70 फीसदी बढ़ गया, जबकि सेल्स में 30 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। ग्लासडोर रेटिंग भी तेजी से ऊपर गई। इस बदलाव के बाद अभिषेक ने एक साल के भीतर उसी कैंडिडेट को चीफ पीपल ऑफिसर के पद पर प्रमोट कर दिया।