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नौ रुपये के चक्कर में बस कंडक्टर को हुआ 15 लाख का नुकसान, हैरान कर देगा पूरा मामला

Tue, 30 Jul 2019 08:49 PM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social media
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आमतौर पर बसों में सफर करने वाले लोग कभी-कभी कंडक्टर को पैसे तो दे देते हैं, लेकिन उससे टिकट नहीं लेते या फिर बस कंडक्टर खुद उन्हें टिकट नहीं देता। ऐसे में टिकट चेकिंग के दौरान यात्री जब पकड़े जाते हैं, तो उनपर जुर्माना लगा दिया जाता है, लेकिन गुजरात में ठीक इसके उलट हुआ है। यहां एक बस कंडक्टर को यात्री को महज नौ रुपये का टिकट नहीं देने के चक्कर में 15 लाख रुपये का नुकसान हो गया है। 

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यह मामला 16 साल पहले का है। दरअसल, पांच जुलाई, 2003 को गुजरात राज्य सड़क परिवहन निगम की एक बस में अचानक निरीक्षण के दौरान एक यात्री बेटिकट पाया गया। इस बस के कंडक्टर चंद्रकांत पटेल थे। पूछताछ के दौरान यात्री ने निगम के अफसरों को बताया कि उसने टिकट के पैसे दे दिए हैं, लेकिन कंडक्टर ने उसे टिकट नहीं दिया। 

इसके बाद गुजरात राज्य सड़क परिवहन निगम ने कंडक्टर चंद्रकांत पटेल के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी। इस जांच में चंद्रकांत दोषी पाए गए, जिसके बाद परिवहन निगम ने सजा के तौर पर चंद्रकांत पटेल के मौजूदा वेतन को दो स्टेज कम कर दिया। अब उन्हें अपने वेतन में 15 लाख रुपये का नुकसान उठाना पड़ेगा। 
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परिवहन निगम के मुताबिक, अब चंद्रकांत पटेल को उनकी बाकी बची नौकरी उसी वेतनमान पर करनी पड़ेगी, जो निगम ने निर्धारित की है। निगम के अधिकारियों की मानें तो चंद्रकांत पहले भी कई यात्रियों के साथ ऐसा कर चुके थे, लेकिन उन्हें चेतावनी देकर छोड़ दिया गया था। 
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