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BermudaTriangle: बरमूडा ट्रायंगल का खुला असली रहस्य, धरती के नीचे मिली ऐसी चीज, देखकर वैज्ञानिकों के उड़े होश

Tue, 16 Dec 2025 03:25 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला

सार

Mystery of BermudaTriangle: वैज्ञानिकों ने बरमूडा ट्रायंगल के बड़े रहस्य खुलासा किया है। उन्होंने धरती की गहराई एक ऐसी चीज खोजी है, जो अभी तक धरती पर कहीं नहीं दिखी है। यह द्वीप के नीचे क्रस्ट (पृथ्वी की ऊपरी परत) के ठीक नीचे एक 20 किमी मोटी चट्टान की परत है। 
 
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बरमूडा ट्रायंगल का खुला असली रहस्य, धरती के नीचे मिली ऐसी चीज, देखकर वैज्ञानिकों के उड़े होश - फोटो : Adobe Stock
Mystery of BermudaTriangle: दुनिया के लिए बरमूडा ट्रायंगल काफी लंबे समय से रहस्य है। कई शोध के बाद भी वैज्ञानिक इसके रहस्य को नहीं सुलझा पाए हैं। यहां पर न जाने कितने जहाज और एयरक्राफ्ट रहस्यमयी ढंग से गायब हो चुके हैं। अब वैज्ञानिकों ने बरमूडा द्वीप के नीचे एक रहस्य की खोज की है। यह द्वीप उत्तर अटलांटिक महासागर में स्थित ब्रिटेन का प्रवासी क्षेत्र है। यह संयुक्त राज्य अमेरिका के पूर्वी तट पर मियामी (फ्लोरिडा) से सिर्फ 1770 किलोमीटर और हैलिफैक्स, नोवा स्कोटिया, (कनाडा) के दक्षिण में 1350 किलोमीटर (840 मील) की दूरी पर स्थित है। 

एक नए अध्ययन में जानकारी मिली है कि द्वीप के नीचे क्रस्ट (पृथ्वी की ऊपरी परत) के ठीक नीचे एक 20 किमी मोटी चट्टान की परत है और यह आसपास की चट्टानों से कम घनी है। इस परत से द्वीप ऊपर उठा रहता है, जैसे कोई राफ्ट। पृथ्वी पर कहीं और ऐसी परत नहीं दिखी है। 
 
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बरमूडा ट्रायंगल का खुला असली रहस्य, धरती के नीचे मिली ऐसी चीज, देखकर वैज्ञानिकों के उड़े होश - फोटो : Adobe Stock
कैसे वैज्ञानिकों ने की खोज? 

कार्नेगी साइंस के सीस्मोलॉजिस्ट विलियम फ्रेजर और येल यूनिवर्सिटी के जेफ्री पार्क ने 396 भूकंपों से आने वाली सीस्मिक वेव्स यानी भूकंपीय तरंगों का अध्ययन किया, जो धरती अंदर से गुजरती हैं। अलग-अलग घनत्व वाली परतों पर रुकती या मुड़ती हैं। बरमूडा पर लगे सीस्मिक स्टेशन के डेटा से शोधकर्ताओं ने द्वीप के नीचे 50 किलोमीटर तक की तस्वीर बनाई है। सामान्य रूप से समुद्री क्रस्ट के नीचे पृथ्वी की गर्म अंदरूनी परत शुरू होता है। बरमूडा में क्रस्ट और मेंटल के बीच एक अतिरिक्त परत है, जो आसपास से करीब 1.5 फीसदी कम घनी है। इसकी वजह से ये हल्की है और द्वीप को ऊपर उठाकर रखती है। 
 
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बरमूडा ट्रायंगल का खुला असली रहस्य, धरती के नीचे मिली ऐसी चीज, देखकर वैज्ञानिकों के उड़े होश - फोटो : Adobe Stock
आखिरी ज्वालामुखी विस्फोट के समय बनी है परत

बरमूडा एक ज्वालामुखी द्वीप है, हालांकि, तीन करोड़ साल से ज्यादा समय से सक्रिय नहीं है। सामान्य रूप से ज्वालामुखी बंद होने के बाद क्रस्ट ठंडा होकर नीचे धंस जाती है। लेकिन सबसे हैरानी वाली बात यह है कि बरमूडा नहीं धंसा है और समुद्र तल से 500 मीटर ऊपर है।

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बरमूडा ट्रायंगल का खुला असली रहस्य, धरती के नीचे मिली ऐसी चीज, देखकर वैज्ञानिकों के उड़े होश - फोटो : Adobe Stock
वैज्ञानिक मानते हैं कि यह परत आखिरी ज्वालामुखी विस्फोट के समय बनी। मेंटल की गर्म चट्टान क्रस्ट में घुसकर जम गई। इस अंडरप्लेटिंग कहा जाता है। परत कम घनी होने से द्वीप को तैरने की तरह रखती है। Geophysical Research Letters जर्नल में अध्ययन प्रकाशित हुआ है। फ्रेजर ने कहा कि यह पृथ्वी पर अनोखी है। अब हम अन्य द्वीपों की जांच करेंगे कि कहीं ऐसी परत वहां भी है या नहीं। 

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बरमूडा ट्रायंगल का खुला असली रहस्य, धरती के नीचे मिली ऐसी चीज, देखकर वैज्ञानिकों के उड़े होश - फोटो : Adobe Stock
क्या है बरमूडा ट्रायंगल का रहस्य? 

बरमूडा ट्रायंगल को डेविल्स ट्रायंगल भी कहा जाता है। समुद्र में यह 700,000 वर्ग किलोमीटर का एक व्यस्त क्षेत्र है जिसकी वजह से यहां पर हादसे ज्यादा होते हैं। यहां रहस्यमयी तरीके से कई जहाज और विमान गायब हो चुके हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि इलाका बहुत व्यस्त है। जहाज-विमान बहुत गुजरते हैं। गायब होने की दर दुनिया के दूसरे हिस्सों जितनी ही है। जहाजों के गायब होने की वजह खराब मौसम, तेज धाराएं (गल्फ स्ट्रीम), चुंबकीय कंपास में गड़बड़ी, मानवीय गलतियों को माना जाता है। अब इस नई खोज से वैज्ञानिकों को नई समझ मिलेगी। 
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