घर में रखे बोरों ने खोला बुजुर्ग भिखारी का राज
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किसी ने शायद ही सोचा होगा कि सड़क किनारे ट्रैफिक चौराहों पर भीख मांगकर गुजारा करने वाली एक बुजुर्ग महिला के घर में इतना बड़ा सिक्कों का ढेर मिलेगा। कर्नाटक के मंड्या से सामने आई यह कहानी हर किसी को हैरान कर रही है। 69 वर्षीय नूर की मौत के बाद जब उनके घर में रखे बोरों को खोला गया तो उनमें सिक्के ही सिक्के भरे मिले। अब तक हुई गिनती में करीब आठ लाख रुपये के सिक्के सामने आ चुके हैं। वहीं, बाकी सिक्कों की गिनती अभी जारी है।
ट्रैफिक सिग्नल पर मांगती थीं भीख
नूर मंड्या के ईस्ट पुलिस स्टेशन क्षेत्र में गुट्टालू रोड के पास सबदरियाबाद मोहल्ले में रहती थीं। वह शहर की सड़कों और ट्रैफिक चौराहों पर लोगों से भीख मांगती थीं। बताया गया कि वह अपने घर में अकेली रहती थीं और लंबे समय से भीख में मिले सिक्कों को जमा करती आ रही थीं। खास बात यह थी कि नूर इन पैसों को खर्च करने के बजाय बचाकर रखती थीं।
बोरों में भरती रहीं सिक्के
नूर भीख में मिले सिक्कों को घर में रखे बड़े-बड़े बोरों में जमा करती थीं। धीरे-धीरे इन बोरों में इतनी बड़ी मात्रा में सिक्के इकट्ठा हो गए कि किसी को इसकी जानकारी तक नहीं थी। बुधवार को उम्र से जुड़ी बीमारियों के कारण नूर का निधन हो गया। इसके बाद परिवार के सदस्यों और स्थानीय लोगों ने उनका अंतिम संस्कार किया।
घर की तलाशी में सामने आया बड़ा राज
अंतिम संस्कार के बाद जब नूर के घर में रखे सामान और बोरों की जांच की गई तो लोग हैरान रह गए। बोरों के अंदर बड़ी मात्रा में सिक्के भरे थे। इसके बाद इनकी गिनती शुरू कराई गई। अब तक करीब आठ लाख रुपये के सिक्के गिने जा चुके हैं। हालांकि बोरों में मौजूद बाकी सिक्कों की गिनती अभी जारी है। यानी कुल रकम आठ लाख रुपये से भी ज्यादा हो सकती है।
पुलिस ने दर्ज नहीं किया कोई केस
पुलिस के मुताबिक नूर की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई है। इसलिए मामले में कोई केस दर्ज नहीं किया गया है। फिलहाल घर से बरामद सिक्कों की गिनती का काम जारी है। इस घटना ने आसपास के लोगों को भी हैरान कर दिया है। किसी को अंदाजा नहीं था कि महिला ने वर्षों तक भीख से मिले सिक्कों को इस तरह जमा कर रखा था। अब स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा भी है कि क्या शहर में भीख मांगने वाले दूसरे लोगों ने भी इसी तरह पैसे जमा कर रखे होंगे।