असम इस समय भीषण बाढ़ की मार झेल रहा है। हजारों परिवारों का जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है। कई लोगों के घर पानी में डूब गए हैं तो कई परिवारों को राहत शिविरों में शरण लेने के लिए मजबूर होना पड़ा है। बाढ़ की भयावह तस्वीरें लगातार सोशल मीडिया पर सामने आ रही हैं। लेकिन इसी तबाही के बीच एक ऐसा वीडियो भी वायरल हो रहा है, जो लोगों को इंसानियत की असली ताकत का एहसास करा रहा है। तो आज की इस खबर में हम आपको इसी वीडियो के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
इंस्टाग्राम पर तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो को @india.byte नाम के पेज से शेयर किया गया है। वीडियो में कुछ युवा असम के बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए चंदा जुटाते दिखाई दे रहे हैं। वे सड़क पर आने-जाने वाले लोगों और दुकानदारों से अपील कर रहे हैं कि जो भी संभव हो आर्थिक सहयोग करें ताकि राहत सामग्री जरूरतमंदों तक पहुंचाई जा सके। इसी दौरान वहां एक बुजुर्ग भिखारी भी पहुंचता है। पहले तो वहां मौजूद लोगों को लगता है कि वह केवल यह देखने आया है कि आखिर वहां क्या चल रहा है। लेकिन कुछ ही पलों बाद उसने ऐसा कदम उठाया, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं।
अपनी कमाई की जरूरतमंदों के नाम
जब बुजुर्ग को पता चला कि यह अभियान असम के बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए चलाया जा रहा है तो उसने बिना किसी हिचकिचाहट के अपनी जेब से पैसे निकालकर दान कर दिए। दावा किया जा रहा है कि यह उसकी पूरे दिन की कमाई थी, जिसे उसने भीख मांगकर इकट्ठा किया था। खुद तंगी में जीवन बिताने के बावजूद उसने अपनी कमाई अपने पास रखने के बजाय जरूरतमंदों के नाम कर दी।
वॉलंटियर्स भी हुए भावुक
बुजुर्ग की इस दरियादिली को देखकर वहां मौजूद वॉलंटियर्स भी भावुक हो गए। उसकी आर्थिक स्थिति को देखते हुए एक स्वयंसेवक ने पैसे वापस लौटाने की कोशिश की। हालांकि उस पल ने वहां मौजूद हर शख्स को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि असली अमीरी आखिर किसे कहते हैं। शायद वही इंसान सबसे ज्यादा अमीर होता है, जिसके पास भले ही धन कम हो, लेकिन दूसरों के दर्द को समझने वाला बड़ा दिल हो।
वीडियो पर लोगों ने दिए ऐसे रिएक्शंस
सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है और लाखों लोगों तक पहुंच चुका है। कमेंट सेक्शन में यूजर्स बुजुर्ग की दिल खोलकर तारीफ कर रहे हैं। कोई इसे इंसानियत की सबसे खूबसूरत मिसाल बता रहा है, तो कोई लिख रहा है कि समाज को ऐसे लोगों से सीख लेने की जरूरत है। कई लोगों ने यह भी कहा कि मदद करने के लिए करोड़पति होना जरूरी नहीं, बल्कि नीयत ही सबसे बड़ी दौलत होती है।