भारत के बेशकीमती कोहिनूर हीरे को अंग्रेज अपने साथ ले गए और ब्रिटेन की महारानी के ताज में जड़ दिया। अंग्रेज कोहिनूर हीरा तो ले गए, लेकिन शायद उन्हें कोहिनूर पान के बारे में पता नहीं चल पाया। अगर चल जाता तो वो कोहिनूर हीरा छोड़कर कोहिनूर पान पर हाथ साफ करते।
जी हां...हम बात कर रहे हैं औरंगाबाद के मशहूर कोहिनूर पान की। जनाब 5000 के इस पान को जो खाए, बूढ़े से जवान हो जाए...तारा पान सेंटर के शरफू मियां के इस पान को खाने के लिए लोग बेचैन रहते हैं। इनकी दुकान में 10 रुपये से लेकर 5 हजार तक का पान मिलता है।
बात करें अगर कोहिनूर पान की, जिसे देसी वियाग्रा भी कहा जाता है, तो इसमें 70 लाख रुपये किलो का स्पेशल कस्तूर और 2 लाख रुपये किलो वाला कश्मीरी स्पेशल केसर डाला जाता है। साथ ही इसके अलावा इस पान में 80 हजार रुपये किलो वाला गुलकंद और खुशबू के लिए बंगाल का खास फ्रेगरेंस मिलाया जाता है। इस पान में शरफू मियां का तैयार किया हुआ कामोत्तेजना बढ़ाने वाला एक सीक्रेट फार्मूला पाउडर भी डाला जाता है। यहां महिलाओं के लिए भी 3 हजार रुपये का खास पास तैयार किया जाता है। तारा पान सेंटर में 51 तरह के पान आपकी खिदमच में हाजिर हैं। हर रोज यहां 10 हजार से ज्यादा पान बिकते हैं।