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यहां छाया 'दुष्ट उल्लू' का कहर, खौफ में जी रहे लोग

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पिछले तीन हफ्तों में इस उल्लू के पंजे से चोट लगने के कारण दर्जनों लोगों के सिर में गंभीर रूप से चोटें आई हैं।
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मंगलवार को उल्लू ने दो धावकों को अपना निशाना बनाया। हमले में एक धावक की चोट तो इतनी गंभीर थी कि उन्हें सिर में पांच अलग-अलग टांके लगवाने पड़े।

उल्लू के इस व्यवहार को अजीब बताया जा रहा है क्योंकि आमतौर पर यूरोपीय उल्लू छोटे स्तनपाई जानवरों और पक्षियों को ही अपना शिकार बनाते हैं।

हार्मोन का स्तर

हॉलैंड में उल्लू से जुड़ी एक संस्था है 'डच आउल फाउंडेशन'. ये संस्था उल्लू के इस हिंसक व्यवहार को असामान्य बताती है।

संस्था के अनुसार क़ैद में पाले-पोसे जाने और इंसान को अपना आहार समझ लेने की ग़लतफ़हमी के कारण ऐसा हो रहा है।

इसके अलावा संस्था का कहना है कि प्रजनन का मौसम शुरू होने पर उल्लुओं के शरीर में हार्मोन का स्तर अधिक हो जाता है जिससे इस तरह के हिंसक व्यवहार देखने को मिल सकते हैं।

सिटी काउंसिल ने कहा है कि उल्लू को पकड़ने में अभी कुछ और वक्त लग सकता है. साथ ही नागरिकों को उल्लू से दूर रहने और उन्हें पकड़ने से बचने की सलाह दी गई है।

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छतरी का दान

उल्लू के हमले का शिकार हुए विकलांगों के एक आश्रम के प्रवक्ता लाइसेलोत दि ब्रुन ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया कि इस आश्रम में उल्लू ने 15 अलग-अलग हमले किए हैं।

ब्रुन बताते हैं, "दिन में तो कोई डर नहीं होता, मगर रात में हम अपने हेलमेट, टोपी और छतरी के साथ ही निकलते हैं. क्योंकि वो उल्लू कब और कहां हमला कर दे, मालूम नहीं।"

उल्लू से स्थानीय लोग इस क़दर हलकान हो चुके हैं कि डच बैंक 'रोबोबैंक' उल्लू से बचने के लिए लोगों को छाते भी दान कर रहा है।

'रोबोबैंक' के प्रवक्ता बताते हैं कि उल्लू से निपटने के लिए वे एक बाज भी लाने की तैयारी में हैं।

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