अब चाहें इंसान हो या जानवर, सब अपने ही तरह के लोगों के बीच में रहते हैं। लेकिन तब क्या हो अगर बदकिस्मती से कोई जानवर अपने मां-बाप और झुंड से अलग हो जाए?
डेली मेल के मुताबिक ऐसा ही कुछ हुआ एक नन्हें हाथी के साथ जब वो बचपन में ही बिल्कुल अकेला हो गया।
जिंबाब्वे के इमीर ब्लैक राइनो एण्ड वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन एरिया में रहने वाला 46 साल का जाउ नाम के हाथी के माता-पिता की मृत्यु उसके बचपन में ही हो गई। तब से वो एक दूसरे हाथी के साथ रहने लगा।
दूसरा हाथी ने भी छोड़ा हाथ
जाउ का पूरा बचपन और काफी उम्र उस दूसरे हाथी के साथ ही गुजरी।
लेकिन हाल ही में उस बड़े दोस्त हाथी की भी मौत हो गई।
इसके बाद जाउ एकदम अकेला पड़ गया। उसने अपने अकेलेपन को दूर करने के लिए भैंसों के एक झुंड को ज्वाइन कर लिया।
अच्छी बात तो ये कि उन भैंसों ने हाथी को बिना किसी दिक्कत के अपने ग्रुप में शामिल कर लिया और अब वो उन्हीं के साथ रहता है।
सबकुछ भैंसों के साथ
आपको जानकर हैरानी होगी कि ये हाथी कोई ऐसा वैसा हाथी नहीं है, बल्कि जाउ अब पूरी तरह से भैंसों के झुंड में घुल-मिल चुका है।
वो न सिर्फ भैंसों की आवाज निकालने की कोशिश करता है बल्कि भैंसों की आवाज और उनके इशारों को भी समझता है।
जाउ का अब झुंड में ऐसा जलवा है कि अब वो भैंसों का लीडर और सबसे आगे चलता है। जाउ के पास और हाथियों के पास भी जाने का मौका है, लेकिन वो वहां नहीं जाता है। अब वो इन्हीं के साथ इनकी तरह बनकर जीने में खुश है।