59 वर्षीय जेफ्री वॉल कनाडा के ओंटारियो प्रांत के बैरी इलाके के रहने वाले हैं। उन्होंने वर्ष 1998 में एयर कनाडा में नौकरी की शुरुआत की थी और करीब 27 वर्षों तक कंपनी के साथ काम किया। वर्ष 2009 में कंपनी ने उन्हें कैप्टन के पद पर तैनाती दी। इसके बाद उन्होंने बोइंग 767, 777 और 787 जैसे आधुनिक और बड़े यात्री विमानों को उड़ाया।
कहां और कैसे किया फर्जीवाड़ा?
जांच एजेंसियों ने बताया है कि 59 वर्षीय जेफ्री वॉल के पास कमर्शियल पायलट का लाइसेंस था, लेकिन एयरलाइन ट्रांसपोर्ट पायलट लाइसेंस नहीं था, जिसे बड़े यात्री विमानों के कैप्टन बनने के लिए जरूरी माना जाता है। आरोप है कि उन्होंने फर्जी दस्तावेजों और बदले रिकॉर्ड्स से एयर कनाडा तथा नियामक संस्था ट्रांसपोर्ट कनाडा को गुमराह करने का काम किया।
900 से ज्यादा विमानों का किया संचालन
पुलिस ने बताया कि उन्होंने 2009 से लेकर 2025 में सेवानिवृत्ति होने तक 900 से ज्यादा विमानों को उड़ाया। इस दौरान वेतन व अन्य भत्तों के तौर पर करीब 2.9 मिलियन कनाडाई डॉलर सैलरी के रूप में लिए। अधिकारियों का कहना है कि यह मामला बेहद गंभीर है। उन्होंने इसकी एक ऐसे डॉक्टर से तुलना की है, जिसके पास सामान्य चिकित्सा लाइसेंस तो है, लेकिन वह जटिल सर्जरी करने लगा।
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रिकॉर्ड में मिलीं संदिग्ध जानकारियां
इस पूरे मामले को लेकर 2025 में उनकी सेवानिवृत्ति के बाद खुलासा हुआ है। ट्रांसपोर्ट कनाडा ने दस्तावेजों की नियमित जांच की। इस दौरान उनके रिकॉर्ड में संदिग्ध विसंगतियां पाई गईं। इसके बाद अधिकारियों ने जनवरी 2026 में प्रोजेक्ट इकारस नाम से आपराधिक जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने उनके घर से फर्जी लाइसेंस और नकली मुहरें बरामद कीं। यह भी खुलासा हुआ है कि उन्होंने अपने दस्तावेज चोरी होने की झूठी शिकायत दर्ज कराई और जांच को प्रभावित करने की कोशिश की थी। आखिरकार 1 जून 2026 को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उन पर धोखाधड़ी और दस्तावेजों में जालसाजी के आरोप लगे हैं।
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एयर कनाडा का बयान
एयर कनाडा ने अपने बयान में कहा कि इस घटना से यात्रियों की सुरक्षा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। कंपनी के मुताबिक, सभी पायलटों की नियमित अंतराल पर प्रशिक्षण और मूल्यांकन होता है। इस व्यावहारिक परीक्षाओं में जेफ्री वॉल हमेशा सफलता हासिल की। इसके बाद भी कंपनी ने स्वीकार किया कि जरूरी लाइसेंस की पुष्टि न करना एक गंभीर प्रशासनिक और नियामकीय चूक है।