ब्रिटेन की रहने वाली 14 वर्षीय एमी एश्टन एक ऐसी लड़की बन गई हैं, जिन्हें दुनिया का पहला चिकित्सकीय प्रमाणित 3 डी-प्रिंटेड बायोनिक हाथ लगाया गया है। इस हाथ की खासियत ये है कि यह कलाई से 180 डिग्री घूम सकता है और यह आठ किलो तक वजन उठाने में सक्षम है। इसकी सबसे खास बात ये है कि इसे इंसान की जरूरत के हिसाब से बनाया गया है।
दरअसल, एमी एश्टन का जन्म से ही बायां हाथ नहीं था। उन्होंने बताया कि जब वो 18 महीने की थीं, तो उनकी मां ने उन्हें एक कृत्रिम हाथ लगवा दिया था, ताकि उन्हें कोई काम करने के लिए किसी का सहारा न लेना पड़े। हालांकि वो हाथ एमी को अच्छा नहीं लगता था। उन्हें लगता था कि वो सिर्फ दिखाने के लिए है, उससे बहुत ज्यादा काम तो हो नहीं पाता था। उससे तो वो पानी का गिलास तक नहीं उठा पाती थीं।
हालांकि धीरे-धीरे समय बीतता गया और जब एमी पांच साल की हुईं तो उन्हें एक दूसरा हाथ लगवाया गया, लेकिन वो भी कुछ खास नहीं था। वो उस हाथ के सहारे अपने सारे काम नहीं कर पाती थीं। एमी जब 13 साल की हुईं तो उन्हें इंटरनेट के जरिए थ्री-डी प्रिंटेड बायोनिक हाथ के बारे में पता चला, जो उनके सारे काम आसान कर सकता था। बस क्या था, एमी ने तुरंत इसके लिए ब्रिस्टल की कंपनी ओपन बायोनिक्स से संपर्क किया। इसके बाद एमी की खुशी का ठिकाना तब नहीं रहा जब कंपनी ने अपने खर्च पर उन्हें थ्री-डी प्रिंटेड बायोनिक हाथ लगाने का वादा किया।
पिछले साल दिसंबर में एमी के थ्री-डी प्रिंटेड बायोनिक हाथ लगाने की प्रक्रिया शुरू हुई थी और इसी हफ्ते बुधवार को यह काम पूरा हो गया। अब वह अपने उस हाथ के सहारे साइकिल भी चला लेती हैं। साथ ही साथ मनपसंद आर्ट भी बना लेती हैं। अब तो उन्हें पानी का गिलास उठाने में भी कोई दिक्कत नहीं होती। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ओपन बायोनिक्स कंपनी द्वारा बनाए गए इस हाथ की कीमत 10 हजार पाउंड यानी करीब 9.5 लाख रुपये है।