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Viral Video: बुरका पहने और चुड़ैल वाला मेकअप कर गरबा खेलने पहुंची महिला, भड़के लोग और जमकर लगाई क्लास

Thu, 25 Sep 2025 11:46 AM IST
दीक्षा पाठक फीचर डेस्क, अमर उजाला

सार

Viral Video: वीडियो में साफ दिखाई देता है कि महिला ने काले रंग का बुर्का पहना हुआ है और चेहरे पर ऐसा मेकअप किया है, जिससे वह किसी जोंबी या चुड़ैल जैसी दिख रही थी। स्टेज पर बाकी कलाकार परंपरागत गरबा ड्रेस में थे।
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चुड़ैल वाला मेकअप कर गरबा खेलने पहुंची महिला - फोटो : एक्स@Sgunamp
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विस्तार
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गुजरात के अहमदाबाद से नवरात्रि के मौके पर हुई एक घटना सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में है। मामला गरबा कार्यक्रम का है, जहां एक महिला ने ऐसा रूप धारण किया कि लोगों के बीच विवाद छिड़ गया। यह महिला बुर्का पहनकर और डरावना, चुड़ैल जैसा मेकअप करके स्टेज पर पहुंची। जैसे ही इस घटना का वीडियो इंटरनेट पर आया, लोगों की नाराजगी खुलकर सामने आने लगी। तो आज की इस खबर में हम आपको इसी वीडियो के बारे में बताने जा रहे हैं। आइए विस्तार से जानते हैं।

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सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
वीडियो में साफ दिखाई देता है कि महिला ने काले रंग का बुर्का पहना हुआ है और चेहरे पर ऐसा मेकअप किया है, जिससे वह किसी जोंबी या चुड़ैल जैसी दिख रही थी। स्टेज पर बाकी कलाकार परंपरागत गरबा ड्रेस में थे। रंग-बिरंगे कपड़े पहने और खुशियों से भरे माहौल में नाचते-गाते दिख रहे थे। लेकिन इस महिला की अलग वेशभूषा और डरावना रूप अचानक सबका ध्यान खींचने लगा।



लोगों का फूटा गुस्सा
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद कई लोगों ने इसे धर्म से जोड़कर सवाल उठाए। यूजर्स का कहना था कि किसी धर्म विशेष की पोशाक को डरावने अंदाज में दिखाना गलत है। उनका मानना है कि त्योहारों का उद्देश्य लोगों को जोड़ना और खुशी फैलाना होता है, लेकिन ऐसे प्रयोग समाज में नफरत और भेदभाव पैदा कर सकते हैं। कुछ लोगों ने सीधे तौर पर आयोजकों को जिम्मेदार ठहराया और पूछा कि आखिर इस तरह की एक्टिविटी की अनुमति क्यों दी गई। कई कमेंट्स में लिखा गया कि जब मंच पर बाकी कलाकार पारंपरिक अंदाज में प्रस्तुति दे रहे थे तो फिर एक कलाकार को इस तरह का विवादित रूप क्यों दिया गया?
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दो वर्गों में बंटा सोशल मीडिया
हालांकि इस घटना पर सभी की राय एक जैसी नहीं है। कुछ लोग इसे सिर्फ एक "कॉन्सेप्ट परफॉर्मेंस" मान रहे हैं। उनका कहना है कि इसका मकसद किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था, बल्कि यह केवल एक नया प्रयोग था। उनका तर्क है कि कला और परफॉर्मेंस के जरिए कभी-कभी अलग तरह का संदेश देने की कोशिश की जाती है और इसे विवाद की नजर से नहीं देखना चाहिए। यह घटना अब सोशल मीडिया पर बड़ी बहस का रूप ले चुकी है। कुछ लोग इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़कर देख रहे हैं तो कुछ इसे पूरी तरह से भड़काऊ बता रहे हैं। सबसे ज्यादा सवाल इस बात पर उठ रहे हैं कि जब त्योहार का मकसद मेलजोल और खुशी फैलाना है तो वहां पर किसी ऐसे कॉन्सेप्ट को क्यों शामिल किया गया जिससे समाज में विवाद खड़ा हो जाए।

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