सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऐसा वीडियो वायरल हो गया है, जिसने लोगों को दो हिस्सों में बांट दिया है। कोई महिला का साथ दे रहा है तो कोई पुरुष का। दरअसल मामला एक बस के अंदर का है, जहां शुरू में एक मामूली सी बहस हुई, लेकिन धीरे-धीरे वही बात जेंडर की लड़ाई में बदल गई। तो आज की इस खबर में हम आपको इसी वीडियो के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
वीडियो में दिखता है कि बस के अंदर एक महिला और एक पुरुष खड़े हैं। महिला थोड़ी नाराज नजर आती है और सामने खड़े आदमी से कहती है कि वो थोड़ा दूर खड़ा हो जाए क्योंकि उसका हाथ उसके चेहरे के बहुत पास आ रहा है और उसे असहज महसूस हो रहा है। आदमी पहले तो शांति से बोलता है फिर मोबाइल का कैमरा ऑन कर देता है और कहता है कि देखिए मैं तो अपनी जगह पर सही खड़ा हूं दूरी भी है। लेकिन बात यहीं खत्म नहीं होती, बल्कि असली झगड़ा तो यहीं से शुरू होता है।
महिला ने युवक से की तगड़ी बहस
पुरुष कहता है, “आपको तो बस लड़ने का बहाना चाहिए।” ये सुनते ही महिला भड़क जाती है। वो तुनककर जवाब देती है, “अच्छा आपकी मां और बहनें भी ऐसे ही करती हैं क्या?” अब मामला पूरी तरह से गरमा जाता है। आस-पास के यात्री बीच-बचाव करने की कोशिश करते हैं, लेकिन दोनों में से कोई पीछे हटने को तैयार नहीं होता। माहौल इतना गर्म हो जाता है कि दोनों अब “आप” से “तू” पर उतर आते हैं।
पुरुष ने भी जमकर लताड़ा
पुरुष गुस्से में कहता है, “कैसी औरत है ये?” जिस पर महिला तुरंत पलटकर बोलती है, “तमीज से बात करो वरना बताती हूं।” इस पर पुरुष एक कदम और आगे बढ़ जाता है और कहता है, “आपके बच्चे आपसे परेशान होंगे।” महिला भी पीछे नहीं रहती और कहती है, “तेरी मां तुझसे परेशान होगी। शर्म नहीं आती ऐसे बोलते हुए?” अब तो माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो चुका होता है। दोनों एक-दूसरे पर निजी तंज कसते हैं और बस के अंदर बाकी यात्री हैरान होकर ये नजारा देखते रहते हैं।
लोगों ने वीडियो पर दिए ऐसे रिएक्शंस
वीडियो के आखिर में पुरुष अगला स्टॉप आते ही बस से उतर जाता है। जाते-जाते वो महिला से कहता है, “आप जैसी औरतें बदतमीज होती हैं।” महिला भी चुप नहीं रहती और पलटकर कहती है, “आपको औरतों से बात करने की तमीज नहीं है।” इसके जवाब में आदमी कहता है, “आपको पुरुषों से बात करने की तमीज नहीं। आजकल तो पुरुष समाज औरतों से डरता है।” ये वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर पहुंचा, वैसे ही कमेंट सेक्शन में जंग छिड़ गई। किसी ने लिखा, “कुछ महिलाएं आजादी को वीआईपी पास समझ बैठी हैं।” एक यूजर ने लिखा, “बराबरी का मतलब ये नहीं कि आप बदतमीजी को आजादी कहें।” वहीं कुछ लोग महिला के सपोर्ट में बोले, “अगर उसे असहज लगा तो बोलने का हक है।”