ब्रिटेन की लाफबॉरो यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने एक अनोखा कारनामा किया है। उन्होंने दुनिया की सबसे छोटी वायलिन बनाई है, जो इंसान के बाल से भी पतली है। यह वायलिन इतनी छोटी है कि इसे आम आंखों से नहीं देखा जा सकता। इसे देखने के लिए माइक्रोस्कोप की जरूरत होती है। इस वायलिन को बहुत ही खास तकनीक यानी नैनो टेक्नोलॉजी की मदद से बनाया गया है। तो आज की इस खबर में हम आपको इसी वायलिन के बारे में बताने जा रहे हैं और साथ ही इसकी खासियत के बारे में भी बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई खबर
यह वायलिन सिर्फ 35 माइक्रॉन लंबी और 13 माइक्रॉन चौड़ी है। इंसान के बाल की मोटाई करीब 17 से 180 माइक्रॉन होती है। यानी यह वायलिन बाल से भी पतली और छोटी है। इसकी बारीकी देखकर वैज्ञानिक भी हैरान रह गए। इस वायलिन को बनाने का मकसद केवल एक नई चीज दिखाना नहीं था, बल्कि यह बताना था कि अब हम बहुत ही छोटे लेवल पर भी चीजें बना सकते हैं। यह दिखाता है कि विज्ञान अब इतनी तरक्की कर चुका है कि बेहद बारीक और छोटी चीजें भी बनाई जा सकती हैं।
छोटी सी वायलिन को सुन नहीं सकते
इस छोटी सी वायलिन को सुन नहीं सकते क्योंकि यह बहुत ही छोटी है। लेकिन इसका डिजाइन असली वायलिन की तरह ही बनाया गया है। इसमें वायलिन की बॉडी, गर्दन और तार जैसी सभी चीजें बहुत ही छोटे आकार में बनाई गई हैं। वैज्ञानिकों ने इस वायलिन को एक रिसर्च प्रोजेक्ट के तहत बनाया है। उनका कहना है कि अगर हम इस तरह की नैनो टेक्नोलॉजी को आगे बढ़ाएं तो भविष्य में इसका इस्तेमाल दवाइयां शरीर में पहुंचाने, छोटे-छोटे ऑपरेशन करने और मेडिकल मशीनों को बेहतर बनाने में किया जा सकता है।
दुनियाभर के वैज्ञानिकों ने सराहा
यह वायलिन एक तरह से विज्ञान की ताकत और इंसान की सोच का उदाहरण है। यह दिखाता है कि हम अब ऐसी चीजें भी बना सकते हैं, जिनकी कल्पना पहले सिर्फ कहानियों में ही की जाती थी। इस अनोखी खोज को दुनियाभर के वैज्ञानिकों ने सराहा है। इससे यह भी साबित होता है कि विज्ञान की कोई सीमा नहीं है और अगर मेहनत और कल्पना साथ हो, तो कुछ भी संभव है। इस वायलिन को देखकर यही लगता है कि आने वाला समय बहुत ही अच्छा और तकनीक से भरपूर होगा, जहां छोटी-छोटी चीजें बड़ी काम की होंगी।