फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Viral Post: स्लीपर कोच में परिवार संग सफर कर रहा था शख्स, पहले भीड़ ने ली बैठने की जगह फिर मांगने लगे...

Fri, 21 Nov 2025 03:39 PM IST
दीक्षा पाठक फीचर डेस्क, अमर उजाला

सार

Viral Post: रेडिट पर एक यूजर ने अपने साथ हुई दिक्कत साझा की है। उसने पोस्ट में तीन तस्वीरें डाली हैं, जिनमें साफ नजर आ रहा है कि स्लीपर कोच किसी जनरल डिब्बे की तरह खचाखच भरा हुआ है। हाल ऐसा कि सीटों पर बैठे पैसेंजर से लेकर गलियारे तक लोग ही लोग दिखाई देते हैं।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : freepik.com
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आजकल ट्रेन से सफर करना किसी चुनौती से कम नहीं रह गया है। खासकर तब जब बात जनरल कोच की हो। भीड़ का आलम ऐसा होता है कि लोग दरवाजे तक लटक कर सफर करने को मजबूर हो जाते हैं। लेकिन परेशानी तब बढ़ जाती है जब वही हाल रिजर्वेशन वाले डिब्बों में भी देखने को मिल जाए। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक ऐसा ही मामला वायरल हो गया, जिसे देखकर लोग कहने लगे फिर रिजर्वेशन करवाने का फायदा ही क्या हुआ? तो आज की इस खबर हम आपको इसी पोस्ट के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं।

विज्ञापन


सोशल मीडिया पर वायरल हुआ पोस्ट
रेडिट पर एक यूजर ने अपने साथ हुई दिक्कत साझा की है। उसने पोस्ट में तीन तस्वीरें डाली हैं, जिनमें साफ नजर आ रहा है कि स्लीपर कोच किसी जनरल डिब्बे की तरह खचाखच भरा हुआ है। हाल ऐसा कि सीटों पर बैठे पैसेंजर से लेकर गलियारे तक लोग ही लोग दिखाई देते हैं। यूजर के मुताबिक वो अपने परिवार के छह लोगों के साथ रेवांचल एक्सप्रेस में भोपाल जा रहा था। उन्होंने पूरे कंपार्टमेंट की छह सीटें बुक कर ली थीं ताकि आराम से सफर कर सकें।

विज्ञापन


जनरल डिब्बे में बदल गया नजारा
शुरुआत में सब ठीक चलता रहा, लेकिन जैसे-जैसे ट्रेन आगे बढ़ती गई, कोच का नजारा बदलने लगा। पहले तो कुछ लोग पूछकर आकर उसकी सीट पर बैठ गए। उन्हें लगा कि थोड़ी देर बैठने में क्या दिक्कत है। लेकिन धीरे-धीरे भीड़ इतनी बढ़ गई कि पूरा स्लीपर किसी जनरल डिब्बे की तरह भर गया। यूजर ने बताया कि पहले बैठे लोग सिर्फ जगह मांग रहे थे, लेकिन थोड़ी देर बाद उन्हीं यात्रियों ने उनसे सोने की जगह तक मांगना शुरू कर दिया। ऐसे माहौल में परिवार के साथ सफर करना मुश्किल हो गया। छोटी-छोटी जगहों पर सीटें बनाई गईं, बच्चे इधर-उधर चिपककर बैठे और रात का सफर किसी तरह काटना पड़ा।

लोगों ने पोस्ट पर दिए ऐसे रिएक्शंस
तस्वीरों में साफ दिख रहा है कि लोग सीटों के बीच की जगह में बैठे हुए हैं, कोई फुटरेस्ट पर पैर रखकर बैठा है तो कोई नीचे की जगह में अपना बैग रखकर उस पर टिक गया है। उसी बीच टिकट चेकिंग स्टाफ भी कहीं दिखाई नहीं दे रहा। इसलिए भीड़ लगातार बढ़ती गई और हालात पर किसी का नियंत्रण नहीं रहा। पोस्ट देखते ही लोगों ने अपनी-अपनी राय देना शुरू कर दिया। कुछ ने कहा कि रेलवे को इस पर सख्त कदम उठाने चाहिए। दूसरों ने लिखा कि यह रोज की समस्या है, खासकर त्योहारों या छुट्टियों के समय। कुछ लोग तो यह भी बोले, “रिजर्व कोच में जनरल वाले घुसते हैं और रिजर्व वालों की हालत सबसे बुरी हो जाती है।”

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें