दिल्ली में बढ़ते ट्रैफिक और ईंधन की कीमतों के बीच मेट्रो रेल आम लोगों के लिए सबसे किफायती और सुविधाजनक साधन बन गई है। खासकर महिलाएं, जो रोज ऑफिस या कॉलेज जाती हैं, वे मेट्रो को प्रायोरिटी देती हैं क्योंकि यह बाकी के पब्लिक ट्रांसपोर्ट की तुलना में उन्हें ज्यादा सुरक्षित महसूस होता है, लेकिन अफसोस की बात यह है कि कुछ लोग अपनी घटिया सोच और गलत हरकतों से मेट्रो जैसे सुरक्षित माने जाने वाले स्थानों को भी शर्मसार कर देते हैं। ताजा मामला दिल्ली मेट्रो की मेजेंटा लाइन का है, जहां एक अधेड़ उम्र के व्यक्ति को लड़कियों की तस्वीरें खींचते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। महिला इसे आपबीती को सोशल मीडिया पर भी शेयर किया है। तो आज की इस खबर में हम आपको इसी पोस्ट के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ पोस्ट
यह घटना उस समय की है जब ट्रेन प्लेटफॉर्म नंबर 4 से कृष्णा पार्क की ओर जा रही थी। प्लेटफॉर्म पर मौजूद यात्रियों ने देखा कि लिफ्ट के पास वाली कोच के सामने एक अधेड़ आदमी एक लड़की से कान पकड़कर माफी मांग रहा था। बताया गया कि यह व्यक्ति लड़कियों की तस्वीरें चोरी-छिपे ले रहा था। जब एक महिला को इस हरकत पर शक हुआ तो उसने तुरंत प्रतिक्रिया दी और उस व्यक्ति को वहीं पकड़ लिया। इसके बाद उसने उसे डांटा और जमकर खरी-खोटी सुनाई। इस घटना को देख बाकी के यात्री भी वहां जमा हो गए, लेकिन शुरुआत में किसी ने हस्तक्षेप नहीं किया।
Lafda at Metro. Creepy Uncle Caught Clicking Girls Photo. Shameful
by
u/Equivalent_Tie_7423 in
delhi
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पोस्ट पर यूजर्स ने दी ऐसी रिएक्शंस
इस पूरी घटना को लेकर एक पोस्ट रेडिट पर शेयर की गई, जो तेजी से वायरल हो गई है। पोस्ट के मुताबिक, महिला की सतर्कता और साहस की वजह से उस आदमी को उसकी हरकतों पर माफी मांगनी पड़ी। लोगों ने इस पोस्ट पर जमकर प्रतिक्रिया दी। एक यूजर ने कमेंट किया, "ऐसे अंकल बाद में लड़कियों को ही दोष देते हैं।" दूसरे ने लिखा, "इस तरह की हरकतों पर तुरंत कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।" किसी ने कहा, "उस आदमी को एक थप्पड़ जरूर पड़ना चाहिए था।"
क्या अभी भी असुरक्षित हैं महिलाएं?
सोशल मीडिया पर लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं यह बताती हैं कि समाज में मानसिकता में बदलाव लाना अब बेहद जरूरी है। महिलाओं को चाहे मेट्रो जैसी सुरक्षित जगह क्यों न मिल जाए, लेकिन जब तक ऐसे लोगों की सोच नहीं बदलेगी, तब तक असुरक्षा का खतरा बना रहेगा। इसलिए जरूरी है कि ऐसी घटनाओं में महिलाएं चुप न रहें, आवाज उठाएं और गलत को सबक सिखाएं।