सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें इंडोनेशिया के बाली का एक अनोखा झरना दिखाया गया है। इस वीडियो को देखने के बाद लोग हैरान भी हैं और थोड़े डर से भी भर जाते हैं। वजह यह है कि इस झरने के पास मौजूद चट्टानें पहली नजर में बिल्कुल बड़े सांप जैसी दिखाई देती हैं। यही कारण है कि लोग इसे अब स्नेक वॉटरफॉल कहकर बुलाने लगे हैं। तो आज की इस खबर में हम आपको इसी वीडियो के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
वीडियो इंडोनेशिया के बाली क्षेत्र के पुंगगुल इलाके का है। यहां यह झरना बेजी ग्रिया वॉटरफॉल के नाम से मशहूर है। यह जगह उबुद से ज्यादा दूर नहीं है और 2022 में इसे पर्यटकों के लिए खोला गया था। तभी से यह झरना अपनी खूबसूरती और अलग नजारे की वजह से खास आकर्षण बन गया है।
क्यों दिखता है यह झरना सांप जैसा?
इस झरने के पास जो चट्टानें दिखाई देती हैं, वे असल में प्राकृतिक नहीं हैं। दरअसल यह स्थानीय कारीगरों की बनाई हुई मूर्तियां हैं। इन मूर्तियों पर समय के साथ काई और मॉस जम गई है, जिससे वे बेहद पुरानी और रहस्यमयी दिखने लगती हैं। दूर से देखने पर लगता है जैसे कोई विशाल सांप पत्थर बनकर पानी के बीच लेटा हो। इसी वजह से लोग इसे स्नेक वॉटरफॉल कहते हैं। स्थानीय मान्यताओं की मानें तो ये मूर्तियां केवल कला नहीं बल्कि बाली की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक भी हैं। इन पर उकेरी गई आकृतियां रहस्य और शक्ति का एहसास कराती हैं, जो यहां आने वाले हर व्यक्ति को अट्रैक्ट करती हैं।
सिर्फ खूबसूरती ही नहीं आध्यात्मिक महत्व भी है
बेजी ग्रिया वॉटरफॉल केवल प्राकृतिक सुंदरता का स्थान नहीं है, बल्कि यह एक पवित्र स्थान भी माना जाता है। यहां आने वाले पर्यटक मेलुकट जैसे स्नान और अनुष्ठान का अनुभव कर सकते हैं। इस खास स्नान को आत्मा और शरीर को शुद्ध करने वाला माना जाता है। स्थानीय लोगों का विश्वास है कि इस झरने में स्नान करने से नेगेटिव एनर्जी दूर होती है और मन को शांति मिलती है।
क्यों है यह झरना खास?
पर्यटकों के लिए यह अनुभव बेहद खास होता है क्योंकि यहां वे एक ही जगह पर खूबसूरती और अध्यात्म का एहसास कर पाते हैं। यही वजह है कि बाली घूमने आने वाले लोग इस वॉटरफॉल को देखने से नहीं चूकते। सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस वीडियो ने दुनिया भर के लोगों का ध्यान खींचा है। कई यूजर्स कह रहे हैं कि इतनी डरावनी चट्टानों वाले झरने के पास कोई आखिर कैसे जा सकता है। वहीं कुछ लोग इसे बाली की कला और संस्कृति का बेहतरीन उदाहरण बता रहे हैं।