हापुड़ नगर की विवेक विहार कॉलोनी में इन दिनों लोगों की नींद उड़ी हुई है। वजह है बंदरों का आतंक। आमतौर पर लोग सोचते हैं कि बंदर तो बस पेड़ों पर उछल-कूद करने वाले जानवर हैं, लेकिन यहां का हाल कुछ और ही है। बंदरों के झुंड ने इलाके में इस कदर आतंक मचाया हुआ है कि लोग घर से बाहर निकलने से पहले सौ बार सोच रहे हैं। तो आज की इस खबर में हम आपको इसी वीडियो के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं। आइए विस्तार से जानते हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
ताजा घटना तो और भी डराने वाली है। हुआ यूं कि स्कूटी पर एक परिवार अपने तीन सदस्यों के साथ कहीं जा रहा था। तभी अचानक बंदरों के झुंड ने उन पर हमला कर दिया। सोचिए चलते-चलते अचानक बंदरों का झुंड आपके ऊपर टूट पड़े तो किसी का भी डर के मारे बुरा हाल हो जाए। यही हाल उस परिवार का हुआ। डर के मारे स्कूटी सवार लोग तुरंत पास ही एक घर के अंदर घुस गए और वहां जाकर अपनी जान बचाई। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई।
बंदरों के झुंड ने किया हमला
घर में घुसने के बाद भी बंदरों ने पीछा नहीं छोड़ा। झुंड लगातार दरवाजे और खिड़कियों के पास मंडराता रहा मानो किसी भी तरह से अंदर घुसकर हमला करना चाहता हो। परिवार तो जैसे जान बचाने की जुगत में लगा रहा और मोहल्ले वाले भी हैरान रह गए कि आखिर इस तरह की घटनाओं से कैसे निपटा जाए। यह पूरी घटना कैमरे में भी कैद हो गई और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा। जैसे ही लोगों ने वीडियो देखा पूरे इलाके में खौफ का माहौल फैल गया। लोग कहने लगे कि अब तो घर से निकलना भी मुश्किल हो गया है। बच्चे स्कूल जाएं, बुजुर्ग टहलने निकले या फिर महिलाएं बाजार जाएं हर किसी को डर सता रहा है कि कहीं बंदरों का झुंड हमला न कर दे।
प्रशासन से भी लगाई गुहार
असल में यह पहली बार नहीं है जब ऐसी शिकायतें सामने आई हैं। स्थानीय लोग काफी समय से प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं कि बंदरों के बढ़ते आतंक पर कोई ठोस कदम उठाया जाए। कई बार लिखित शिकायतें भी दी गईं, लेकिन हालात जस के तस हैं। बंदरों की संख्या लगातार बढ़ रही है और उनका आतंक भी। कोई छत पर कपड़े सुखा रहा है तो बंदर उन्हें फाड़ देते हैं। किसी के हाथ में खाने का सामान दिख गया तो छीनकर भाग जाते हैं। और अब तो हालत यह हो गई है कि सरेआम हमला करने से भी पीछे नहीं हटते। लोगों का कहना है कि अगर प्रशासन ने जल्दी कोई कदम नहीं उठाया तो हालात और बिगड़ सकते हैं। हर दिन किसी न किसी के घायल होने का खतरा बना हुआ है। वहीं, बच्चे और महिलाएं तो सबसे ज्यादा डर में जी रहे हैं। मोहल्ले के लोग इस डर से एकजुट होकर आवाज उठाने की तैयारी कर रहे हैं, ताकि अधिकारियों को मजबूर किया जा सके कि वे इस समस्या का हल निकालें।