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Viral Post: कॉलेज में की थी एक गलती, 10 साल बाद फिर आया ब्लैकमेल का ईमेल, शख्स की कहानी ने छेड़ी बहस

Sat, 01 Aug 2026 03:07 PM IST
दीक्षा पाठक फीचर डेस्क, अमर उजाला

सार

Viral: कॉलेज के दिनों में एक ऑनलाइन सर्विस से असाइनमेंट बनवाने वाले शख्स ने रेडिट पर बताया कि करीब 10 साल बाद वही मामला फिर उसके सामने आ गया है। उसका दावा है कि पहले पैसे लेकर ब्लैकमेल करने वाले अब उसके ऑफिस के ईमेल और पुराने कॉलेज तक पहुंच गए हैं। पोस्ट वायरल होने के बाद ज्यादातर यूजर्स ने उसे ब्लैकमेलर्स की मांगों के आगे न झुकने की सलाह दी।
 
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पैसे वसूलने के लिए किया ब्लैकमेल - फोटो : AI
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विस्तार
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कई बार युवावस्था में लिया गया एक गलत फैसला वर्षों बाद भी पीछा नहीं छोड़ता। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक शख्स ने ऐसी ही कहानी साझा की है, जिसने हजारों लोगों का ध्यान खींच लिया। उसने बताया कि कॉलेज के दौरान की गई एक गलती अब लगभग 10 साल बाद फिर उसके सामने खड़ी हो गई है और उसे अपनी नौकरी व प्रतिष्ठा की चिंता सता रही है। तो आज की इस वीडियो के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं।

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सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
शख्स के मुताबिक, जब वह कॉलेज में पढ़ाई कर रहा था, तब उसने हिस्ट्री के एक पेपर को खुद लिखने के बजाय एक ऑनलाइन सर्विस की मदद ली थी। उसने पैसे देकर अपना असाइनमेंट तैयार करवाया था। कुछ समय बाद उसी सर्विस ने उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। डर के कारण उसने उनकी मांग मान ली और मामला शांत कराने के लिए करीब एक हजार या दो हजार डॉलर तक का भुगतान किया।

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कुछ दिनों बाद फिर आए सामने
उसने बताया कि कुछ वर्षों तक उस सर्विस की ओर से दोबारा संपर्क किया गया, लेकिन इस बार उसने कोई जवाब नहीं दिया। बाद में उसने अपना पुराना ईमेल अकाउंट भी बंद कर दिया ताकि उससे संपर्क न किया जा सके। उसे लगा कि मामला हमेशा के लिए खत्म हो गया है, लेकिन करीब एक दशक बाद फिर से वही लोग उसके सामने आ गए।

पैसे वसूलने के लिए किया ब्लैकमेल
पोस्ट के अनुसार इस बार ब्लैकमेल करने वालों ने किसी तरह उसका ऑफिस का ईमेल एड्रेस ढूंढ लिया। उन्होंने सीधे उसके वर्क ईमेल पर संदेश भेजा। इतना ही नहीं, उसकी कंपनी के एचआर और एक वरिष्ठ अधिकारी को भी एक ईमेल भेजा गया। इसके अलावा उसके पुराने कॉलेज के प्रोवोस्ट को भी मेल किया गया। शख्स का कहना है कि इस बार ब्लैकमेलर ने अभी तक पैसों की कोई मांग नहीं रखी है, लेकिन उसे पूरा भरोसा है कि उनका मकसद फिर से पैसे वसूलना है। हालांकि, उसे उम्मीद है कि एक लाख से ज्यादा कर्मचारियों वाली उसकी कंपनी में एचआर और बाकी अधिकारी ऐसे ईमेल को शायद ज्यादा गंभीरता से न लें।

एक पेपर के लिए किया ये सब
अपनी पोस्ट में उसने स्वीकार किया कि कॉलेज के समय उससे गलती हुई थी। उसने लिखा कि वह अपने फैसले को सही नहीं ठहराता। हालांकि उसने यह भी बताया कि यह केवल एक जनरल एजुकेशन हिस्ट्री क्लास थी, जो पास या फेल के आधार पर थी और उसके मुख्य विषय से उसका कोई संबंध नहीं था। फिर भी उसे डर है कि अगर यह बात सार्वजनिक हुई तो लोग उसके बाकी शैक्षणिक रिकॉर्ड पर भी शक कर सकते हैं।

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