लॉलीपॉप न सिर्फ बच्चों बल्कि बड़ों को भी पसंद आने वाली टॉफी है। लेकिन क्या आपको बता है इसके दीवाने न सिर्फ भारत में बल्कि पूरी दुनिया में है। और तो और 20 जुलाई को पूरी दुनिया में 'लॉलीपॉप डे' के तौर पर मनाया जाता है। आज हम आपको इससे जुड़े ऐसे तथ्यों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके बारे में जानकर आप इसे मुंह लगाने से पहले कई बार सोचेंगे...
-लॉलीपॉप की दीवानगी प्राचीन अफ्रीकी समय से लोग में थी। उस समय लोग इसे फल, अखरोट और शहद की मदद से बनाया करते थे। उस समय लॉलीपॉप बनाने के लिए पूरी तरह से प्राकृतिक चीजों का इस्तेमाल किया जाता था।
-लॉलीपॉप अस्तित्व में 17वीं शताब्दी में ही आ गया था। उस समय चीनी को उबालकर इसे बनाया करते थे। खास बात यह है कि लॉलीपॉप को पकड़ने के लिए एक पतली-सी डंडी तब भी उसमें डाली जाती थी ताकि इसके स्वाद का लुत्फ धीरे-धीरे उठाया जा सके।
-लॉलीपॉप बनाने की पहली मशीन 1908 में बनी। इसके आविष्कार के बाद लॉलीपॉप बनाना बेहद आसान हो गया। यह मशीन एक घंटे में 2 हजार लॉलीपॉप तैयार कर देती थी।
-मशीन के आविष्कार के बाद धीरे-धीरे लॉलीपॉप में फ्लेवर का इस्तेमाल होने लगा। आगे चलकर एक लॉलीपॉप में दो फ्लेवरों का भी इस्तेमाल किया जाने लगा। इससे लॉलीपॉप को पसंद करने वालों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई।
-2012 में अमेरिका के कैलीफॉर्निया में सबसे बड़ी लॉलीपॉप बनाई गई। इसे एक चॉकलेट बनाने वाली कंपनी ने बनाया था। इस लॉलीपॉप का वजन 7 हजार पाउंड था और लंबाई 5 फीट रखी गई थी। इस लॉलीपॉप को साल्वाडोर डाली नाम एक शख्स ने बनाया था।
-आज टोस्टी रोल दुनिया में सबसे ज्यादा लॉलीपॉप बनाती है। यह कंपनी हर रोज करीब 16 करोड़ लॉलीपॉप मार्केट में लोगों तक पहुंचाती है।