मछली को किसने देखा?
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इन रहस्यमयी मछलियों को दो बहनों ने सबसे पहले समुद्र तट पर तैरते हुए देखा। उन्होंने दूर से देखा कि पानी में कुछ चमक रहा है। जब वह वापस गईं, तो देखा कि दो लंबी और सफेद रंग की चमकदार मछली उथले पानी में तैरने की कोशिश कर रही हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि चमकदार मछली धूप में धीरे-धीरे चल रही रही है और दूसरी उथले पानी में तैर रही है। मछली को देखने वाली बहनों में से एक मोनिका पिटेंजर ने इंस्टाग्राम पर वीडियो को शेयर किया है।
समुद्र तट पर इस मछली का दिखना सामान्य नहीं है
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मोनिका ने कहा कि उनकी बहन ने मछलियों की मदद करने का निर्णय लिया, ताकि गहरे समुद्र में वापस ले जाया जाए। इसके बाद उसने मछलियों को गहरे समुद्र में जाने की कोशिश की। यह काम कठिन था, क्योंकि मछलियां काफी बड़ी थीं और कमजोर नजर आ रही थीं।
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3300 फीट की गहराई में रहती मछली
डूम्सडे फिश को वैज्ञानिक भाषा में रीगलेकस ग्लेस्नी कहा जाता है, जो दुनिया की सबसे लंबी बोनी फिश में शामिल है। आमतौर पर समुद्र में यह मछली 200 से 1000 मीटर यानी करीब 3300 फीट की गहराई में रहती है, जिसके कारण इसका दिखना लगभग दुर्लभ होता है। हालांकि, इस मछली के दिखते ही प्रलय की कहानियों की चर्चा होने लगती है। इसका शरीर बिल्कुल बर्फ की तरह सफेद दिखता है और इसका धड़ पूरी तरह लाल दिखता है।
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क्यों जापान में मानी जाती है मनहूस?
जापान में यह मछली मनहूस मानी जाती है। वहां के लोग मानते हैं कि अगर यह मछली दिखाई देती है तो देश में भूकंप या सुनामी आती है। कहा जाता है कि वर्ष 2011 में यह मछली नजर आई थी, जिसके बाद भयानक सुनामी आई थी। इस प्राकृतिक आपदा में हजारों लोगों की मौत हो गई थी। कई दक्षिण पूर्व एशियाई देशों में भी ओरफिश के दिखने को लंबे समय से चली आ रही प्राकृतिक आपदाओं की कहानियों से जोड़ा जाता है। कुछ देशों में इस मछली के अचानक दिखने को एक चेतावनी की तरह देखा जाता है कि पृथ्वी पर जल्द ही तबाही आ सकती है।
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वैज्ञानिकों का क्या है कहना?
मरीन बायोलॉजिस्ट और वैज्ञानिक ऐसी कहानियों पर विश्वास नहीं करते हैं। वह कहते हैं कि ओरफिश के सतह आने की कई वजहे हैं। वो कहते हैं कि पहला वह घायल हो या बीमार होने पर सतह पर आती है। दूसरा समुद्र के अंदर तेज बहाव या तूफानी धाराएं चल रही हों, जिससे वो रास्ता भटक जाती हैं और ऊपर आ जाती हैं। तीसरा कारण यह भी हो सकता है कि वो अपनी जिंदगी के आखिरी क्षणों में हो। वैज्ञानिकों ने मछली को लेकर शोध भी किया है। वैज्ञानिकों ने प्रशांत महासागर में 2019 में एक स्टडी की थी, जिसमें ओरफिश के दिखने और भूकंप आने में कोई भी सीधा संबंध नहीं पाया गया।