गांधी की शिक्षा नीति को इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ अमरनाथ झा ने जिस पटना विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में खारिज किया था, उसी पटना विश्वविद्यालय के 100वीं वर्षगांठ पर आयोजित समारोह में सरकार की आर्थिक नीति की आलोचना करनेवाले यशवंत सिन्हा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ नजर आयेंगे। आर्थिक मुद्दों पर उठे घमासान के बाद यह पहला मौका होगा जब दोनों नेता एक साथ नजर आयेंगे।
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उल्लेखनीय है कि 40 के दशक में विज्ञान को बढावा देने और कला को बेरोजगारी बढाने वाली शिक्षा कहने पर इलाहाबाद के तत्कालीन कुलपति डॉ अमरनाथ झा ने पटना विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में ही गांधी के उस विचार को खारिज करते हुए उनकी शिक्षा नीति को समाज के चरित्र को खत्म करनेवाला करार दिया था। वर्षों बाद एक बार फिर पटना विश्वविद्यालय पर देश की नजर है। इस बार केवल शिक्षा नीति नहीं बल्कि आर्थिक नीति पर भी चर्चा होने की उम्मीद की जा रही है।
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पटना विश्वविद्यालय के कुलपति रास बिहारी सिंह ने कहा कि 14 अक्टूबर को पटना विश्वविद्यालय के शताब्दी समारोह में भाग लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आनेवाले हैं। यशवंत सिन्हा पटना विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र रह चुके हैं। वह यहां कुछ दिन पढ़ाये भी हैं। इसलिए भी सिन्हा को इस समारोह में आमंत्रित किया गया है। वैसे बिहार में राजग की सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ भी मोदी पहली बार मंच साझा करेंगे। इस कार्यक्त्रस्म में केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, पूर्व केंद्रीय मंत्री लालू प्रसाद, स्थानीय सांसद शत्रुघ्न सिन्हा भी रहेंगे।