बिहार से जुड़े नीट पेपर लीक के कनेक्शन।
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नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की ओर से 3 मई को बिहार समेत पूरे देश में ली गई परीक्षा को रद्द कर दिया गया है। जल्द ही परीक्षा की नई तारीख जारी की जाएगी। पिछले काफी दिनों से नीट परीक्षा को रद्द करने की मांगे उठ रही थी। बिहार के नालंदा जिले में नीट परीक्षा के दौरान फर्जी अभ्यर्थी को बैठने वाले गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया था। पुलिस ने इस मामले में औरंगाबाद, जमुई और मुजफ्फरपुर से फर्जी परीक्षार्थियों को गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान पता चला था कि यह गिरोह मेडिकल परीक्षा पास करने के नाम पर अवैध उगाही कर रहा था। साथ ही कदाचार के जरिए फर्जी स्कॉलर बैठाकर अभ्यर्थी को पास करवाने की योजना बना रहा था।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने बिहार समेत देश के अन्य जगहों पर हुई गड़बड़ियों का हवाला देते हुए इस परीक्षा को रद्द की कर दी है। इस परीक्षा के पेपर के लीक होने की बात भी सामने आई थी। इसके बाद पूरी जांच पड़ताल की गई तब जाकर परीक्षा रद्द की गई। अब इस मामले की जांच सीबीआई की टीम करेगी। जल्द ही सीबीआई की एक टीम बिहार आकर इस गिरोह से पूछताछ करेगी।
पुलिस को विम्स के छात्र को किया था गिरफ्तार
राजगीर डीएसपी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस ने पावापुरी चौक पर दो मई की रात वाहन चेकिंग के दौरान विम्स के एमबीबीएस छात्र अवधेश कुमार को उसके दो अन्य साथियों के साथ गिरफ्तार कर जेल भेजा था पुलिस ने जब अवधेश का मोबाइल खंगाला, तो इस बड़े नेक्सस से जुड़े कई अहम सुराग हाथ लगे। इसी सुराग के आधार पर पुलिस की विशेष टीमों ने औरंगाबाद, जमुई और मुजफ्फरपुर में छापेमारी कर परीक्षा केंद्रों से चार आरोपितों को हिरासत में लिया। पुलिस ने पूर्व में पकड़े गए आरोपियों की निशानदेही और मोबाइल साक्ष्यों के आधार पर इन्हें विभिन्न जिलों के परीक्षा केंद्रों से दबोचा है। इस मामले में अब तक कुल सात आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है।
जानिए क्या बताया था आरोपियों ने?
पुलिस की पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि नीट परीक्षा पास कराने के लिए गैंग के मुख्य सरगना उज्ज्वल राज उर्फ राजा बाबू, अवधेश कुमार और अमन कुमार सिंह के साथ उनकी 45 लाख रुपये में डील तय हुई थी। इसके एवज में उन्होंने परीक्षा से पहले ही 1.5 से 2 लाख रुपये एडवांस के रूप में दे दिए थे। सरगना अवधेश कुमार की गिरफ्तारी के कारण वह परीक्षा में अपनी जगह सॉल्वर को नहीं बैठा सके। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान पहचान सीतामढ़ी जिले के टॉउन थाना क्षेत्र के साउथ गेट सदर अस्पताल निवासी डॉ. नरेश कुमार दास के पुत्र हर्षराज, मुजफ्फरपुर जिले के अहियापुर थाना क्षेत्र के शेखपुर निवासी सुरेन्द्र प्रसाद यादव के पुत्र मनोज कुमार, मुजफ्फरपुर जिले के बोचहां थाना क्षेत्र निवासी अभिषेक रंजन के पुत्र गौरव कुमार तथा मुजफ्फरपुर जिले के हथौरी थाना क्षेत्र के बलुआ निवासी कुशेश्वर साह के पुत्र सुभाष कुमार के रूप में हुई थी।