चारा घोटाले को लेकर सुप्रीम कोर्ट के अहम फैसले से जहां लालू यादव की मुश्किलें बढ़ गई हैं, तो वहीं महागठबंधन के अंदर की खींचतान को कुछ दिनों के लिए शांत कर दिया है। कोर्ट के फैसले पर राजनीतिक बयानबाजी जरूर तेज हुई है, लेकिन समीकरण बदलने की संभावनाएं तत्काल नहीं बन रही हैं।
राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद पर एक के बाद एक आए संकट ने महागठबंधन को एकजुट कर दिया है। तीनों दलों ने कोर्ट के फैसले को न्यायिक प्रक्रिया बताते हुए स्वागत किया है और विपक्ष के आरोपों से मिलकर लड़ने की बात कही है। वैसे राजग नेताओं ने महागठबंधन पर हमला तेज कर दिया है। मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा ने लालू पर करारा हमला करते हुए नीतीश पर निशाना साधा है। सुशील मोदी ने कहा है कि अब इतना तय है कि इनका महागठबंधन अब ज्यादा दिन चलने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि 17 मई को भाजपा इस मसले को लेकर सड़क पर उतरेगी।
मांझी ने नीतीश को गठबंधन तोड़कर राजग में आने की दी सलाह
nitish kumar lalu yadav
- फोटो : nitish kumar lalu yadav
राजग के सहयोगी दल हम के नेता जीतनराम मांझी तो गठबंधन तोड़कर नीतीश को राजग में आने की सलाह तक दे डाली। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर नीतीश कुमार मदद मांगे तो राजग को सरकार बनाने में उनकी मदद करनी चाहिए। राजग के इस प्रस्ताव पर राजद ने चुटकी लेते हुए साफ कर दिया कि लालू और नीतीश को अलग करने का सपना कभी पूरा नहीं होने वाला है।
राजद नेता शिवानंद तिवारी ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से महागठबंधन पर कोई असर पड़ने वाला नहीं है। विपक्ष का जो काम है, वो अपना काम करता रहे। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एचके वर्मा ने भी कहा है कि कोर्ट के फैसले से महागठबंधन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। बिहार की महागठबंधन सरकार न्यूनतम साझा कार्यक्रम बनाकर उसके आधार पर राज्य के विकास में लगी हुई है। भाजपा और इनके सहयोगियों को मूलत: टीका टिप्पणी करने में महारत हासिल है। जिन्हें राजनीति की समझ नहीं वे ऐसे मामलों में अपनी टिप्पणी देकर आम जनता को दिगभ्रमित करना चाहते हैं।
राजनीतिक जानकारों की मानें तो आज के फैसले के बाद लालू की एकल जमानत खत्म हो गई और उन्हें अब अलग अलग मामले में अलग-अलग जमानत लेनी होगी, ऐसे में किसी भी मामले में जमानत टूटने से उन पर जेल जाने का खतरा बढ़ जाएगा। ऐसे में जमानत की कमजोर डोर लालू को बांधे रखेगा। ऐसे में महागठबंधन के अंदर नीतीश की पकड़ एक बार फिर मजबूत हो गई है। इसलिए गठबंधन टूटने की संभावना कम है। जहां तक लालू पर केस चलने की बात है तो राजनीति में केस मुकदमे लगे ही रहते हैं। लालू पर यह कोई पहला मामला नहीं है। कोर्ट के आज आए फैसले से महागठबंधन पर न तो पूर्व में कोई असर पड़ा था न ही भविष्य में पड़ेगा।