राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने बुधवार को जातीय जनगणना कराने पर एक बार फिर से अपनी मांग दोहराई। तेजस्वी यादव ने अन्य पिछड़ा वर्ग की गणना के मुद्दे पर बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि वह बिहार में जनगणना की अनुमति तब तक नहीं देंगे, जब तक केंद्र सरकार एससी और एसटी के अलावा ओबीसी वर्ग की गणना कराने की मांग को स्वीकार नहीं करती।
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने जातीय जनगणना के मुद्दे पर एक बार फिर से भारतीय जनता पार्टी पर हमला बोला है। उन्होंने बुधवार सुबह ट्वीट कर जातिगत जनगणना का मुद्दा उठाते हुए लिखा है कि बिहार विधानसभा से जातिगत जनगणना कराने का हमारा प्रस्ताव दो बार सर्वसम्मति से पारित हो चुका है। इस दौरान उन्होने बीजेपी पर आरोप लगाया कि भाजपा सामाजिक न्याय विरोधी पार्टी है।
तेजस्वी यादव ने अपने ट्वीट में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री और बीजेपी नेता नित्यानंद राय पर भी हमला किया है। उन्होंने लिखा कि नित्यानंद राय ने लिखित में जातिगत जनगणना कराने से मना कर दिया है। उन्होंने कहा कि वे पहले ही लिखित में कह चुके हैं कि सरकार दलितों और आदिवासी के अलावा अन्य सामाजिक समूहों की गिनती नहीं करेगी। इस दौरान तेजस्वी यादव ने कहा कि इसके बिना वे कोई जनगणना बिहार में नहीं होने देंगे।
गौरतलब है कि बिहार में जातिगत जनगणना को लेकर सीएम नीतीश कुमार के नेतृत्व में प्रदेश के सियासी दलों का एक प्रतिनिधिमंडल पिछले साल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मिला था, तेजस्वी यादव भी इस प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा थे। उस बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी जाति आधारित जनगणना कराने की मांग की थी। बता दें कि ये पहली बार नहीं है जब तेजस्वी यादव जाति आधारित जनगणना कराने की मांग को लेकर मुखर हुए हैं, वे पहले भी इसकी मांग उठाते रहे हैं।