बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के छोटे बेटे तेजस्वी यादव की शादी के बाद से ही तेजस्वी के मामा साधु यादव लालू इसे लेकर भड़के हुए हैं। साधु यादव का कहना है कि तेजस्वी ने ईसाई लड़की से शादी करके यादव समाज का अपमान किया है। वहीं, तेजस्वी के बड़े भाई तेज प्रताप यादव ने भी अपने मामा को निशाने पर लिया है। इस पूरे मामले में दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार चल रहा है।
इस बीच बिहार की राजधानी पटना में तेजस्वी को लेकर साधु के सवालों का जवाब उनके समर्थकों ने दिया है। तेजस्वी समर्थकों ने जगह-जगह ऐसे बैनर लगाए हैं जिनमें तेजस्वी को विवाह की बधाई दी जा रही है। इन बैनरों में इस बात को भी खारिज किया जा रहा है कि तेजस्वी के इस फैसले से यादव समाज में कोई नाराजगी है। इस तरह के सभी बैनरों में तेजस्वी यादव की तस्वीरें लगी हैं और उन्हें विवाह की मुबारकबाद दी गई है।
नौ दिसंबर को वैवाहिक बंधन में बंधे थे तेजस्वी यादव
तेजस्वी नौ दिसंबर को अपनी पुरानी दोस्त रेचेल के साथ वैवाहिक बंधन में बंध गए थे। शादी के बाद रेचेल ने अपना नाम बदलकर राजेश्वरी यादव कर लिया है। साधु यादव की आलोचनाओं के बीच तेजस्वी समर्थकों ने अपने बैनरों में लिखा है कि तेजस्वी ने जाति और धर्म के बंधन से ऊपर उठकर शादी की है और यह एक बड़ा काम है। एक बैनर में तो तेजस्वी के इस फैसले को राममनोहर लोहिया के स्वप्नों को साकार करने वाला बताया है।
बैनरों में समर्थकों ने दिए विवाह की बधाई के संदेश
राजद (राष्ट्रीय जनता दल) के प्रदेश महासचिव प्रेम कुमार यादव की ओर से लगाए गए एक बैनर लगाया गया है। इसमें लिखा है, आप दोनों ने (तेजस्वी और राजेश्वरी यादव) जाति-धर्म के बंधन को तोड़ते हुए प्रेम विवाह कर लोहिया जी के रोटी और बेटी के बीच संबंध बनाने के सपने को साकार कर देश को एक खूबसूरत संदेश दिया है। पार्टी के अन्य विधायकों और नेताओं ने भी ऐसा ही रुख अपनाते हुए तेजस्वी की शादी का समर्थन किया है।