फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बिहारः पूर्व मुख्यमंत्री मांझी ने शराब को बताया संजीवनी, सरकार ने की कड़ी आलोचना

Sat, 15 Feb 2020 04:53 AM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
विज्ञापन
जीतन राम मांझी - फोटो : Social Media
विज्ञापन

हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के अध्यक्ष जीतन राम मांझी द्वारा गुरूवार को गरीबों के लिए ‘थोड़ा शराब पीने को संजीवनी’ बताए जाने संबंधी बयान पर  बिहार सरकार की ओर से सख्त प्रतिक्रिया आई है जिसने राज्य में 2016 में शराब को प्रतिबंधित कर दिया था ।

विज्ञापन


वहीं कांग्रेस ने मांझी के बयान से सहमति जताई है । राज्य में शराब को प्रतिबंधित किए जाने संबंधी कानून तब बनाया गया था तब प्रदेश की नीतीश सरकार में कांग्रेस भी शामिल थी । मांझी ने गुरूवार को पूर्णिया में यह बयान दिया था जब उनसे एक तस्वीर दिखा कर सवाल किया गया था, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा संबोधित एक रैली में एक अधेड़ उम्र का व्यक्ति अधमरी अवस्था में दिख रहा था ।

सोशल मीडिया में यह तस्वीर वायरल हो गयी थी । पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘मुझे नहीं पता कि यह व्यक्ति शराब के नशे में है या नहीं । लेकिन आइए हम शराब की खपत के बारे में एक बड़ा बतंगड़ करना बंद करें । दारू कभी कभी दवा के रूप में भी पेश की जाती है। मुझे इसका अनुभव है । बहुत पहले मैं हैजा से पीड़ित था तब एक नुस्खे ने मुझे बचा लिया ।
विज्ञापन


हम प्रमुख ने कहा, थोड़ा शराब पीना काम करने वाले श्रमिकों के लिए संजीवनी के बराबर होता है जो दिन भर कमर तोड़ मेहनत कर अपने घर लौटते हैं ।   भाजपा नेता एवं राज्य सरकार में भूमि सुधार मंत्री राम नारायण मंडल ने हम अध्यक्ष की आलोचना करते हुए उनकी खुद की आदतों को सही ठहराने की मांग’’ करने का आरोप लगाया और दावा किया कि ‘‘लोग शराब पर प्रतिबंध लगाने से खुश हैं और यह हमेशा के लिए रहने वाला है। 

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें