पटना में भाजपा कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज करती पुलिस
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बिहार की राजधानी पटना में 13 जुलाई को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधानसभा पैदल मार्च के दौरान पुलिसिया लाठीचार्ज में सैकड़ों के घायल होने और पार्टी के एक नेता की मौत की जांच अलग-अलग स्तर पर पूरी हो गई थी। 19 जुलाई को दिल्ली में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा को पार्टी की चार सदस्यीय केंद्रीय जांच टीम ने रिपोर्ट सौंपी तो इधर बिहार सरकार ने इस मामले में एक तरह से पुलिस-प्रशासन को क्लीन चिट दे दी। अब नई खबर दिल्ली से आई कि लोकसभा अध्यक्ष ने इस मामले में पटना के डीएम और एसएसपी को समन भेजा है। 'अमर उजाला' ने सोमवार कार्यालय अवधि में दोनों से बात की। फिलहाल दो टूक जवाब मिला।
क्या बताया डीएम और एसएसपी ने इस सवाल पर
इस संबंध में पटना डीएम डॉ चंद्रशेखर से बात कर यह पूछने पर कि पटना में भाजपा कार्यकर्ताओं पर लाठी चार्ज किए जाने के मामले में आपको समन किया गया है, उन्होंने बताया कि मुझे इस बात की जानकारी नहीं है। वहीं यही सवाल जब पटना एसएसपी राजीव मिश्रा से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मुझे इस बात की जानकारी नहीं है।
क्या था मामला
नई शिक्षक नियमावली के विरोध, उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को चार्जशीट के आधार पर सरकार से हटाने जैसे कई मुद्दों पर 13 जुलाई को पटना में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधानसभा पैदल मार्च के दौरान पुलिस ने जमकर लाठीचार्ज किया था। इस घटना की जांच के लिए पूर्व मुख्यमंत्री रघुबर दास, सांसद मनोज तिवारी, विष्णु दयाल राम और सुनीता दुग्गल की चार सदस्यीय केंद्रीय जांच टीम पटना भेजी गई थी। इस रिपोर्ट में बताया गया कि पुलिस मैनुअल को दरकिनार कर भाजपा नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों को कमर के ऊपर लाठीचार्ज किया गया। सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल समेत ज्यादा चोटिल लोगों के नाम के साथ उनकी हालत की जानकारी देते हुए उनकी आंखोंदेखी बातों के आधार पर जांच रिपोर्ट में यह भी लिखा गया है कि पुलिस पहले ही यह मंशा बनाकर बैठी थी कि उन्हें भाजपा के इस शांतिपूर्ण मार्च के दौरान नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों को घेरकर पीटना है।