शाहीन बाग विरोध प्रदर्शन का कथित सह समन्वयक और असम को लेकर भड़काऊ भाषण देने वाले जेएनयू छात्र शरजील इमाम को पटना से दिल्ली लाया गया है। आज शरजील को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया जाएगा। इमाम पर दिल्ली पुलिस ने देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया है।
सूत्रों के अनुसार उसको चाणक्यपुरी स्थित क्राइम ब्रांच दफ्तर में पूछताछ के लिए लाया जाएगा। मंगलवार को शरजिल को गिरफ्तार करने के बाद देर शाम को जहानाबाद कोर्ट में पेश किया गया। जहां से कोर्ट ने उसे दिल्ली पुलिस को ट्रांजिट रिमांड पर सौंप दिया।
वहीं पटना एयरपोर्ट पर रिपोर्टिंग करने पहुंचे पत्रकारों से पुलिसकर्मी भिड़ गए। इस दौरान कई पत्रकारों को गंभीर चोटें भी आई हैं। इस घटनाक्रम का एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें पुलिसकर्मी कुछ पत्रकारों से हाथापाई करते दिखाई दे रहे हैं।
बता दें कि मंगलवार को शरजील को दिल्ली पुलिस ने बिहार के जहानाबाद से गिरफ्तार किया था। उसके ऊपर राजद्रोह सहित कई मामलों में मुकदमा दर्ज किया गया है। इससे पहले पुलिस ने मंगलवार की सुबह शरजील की तलाश में उसके घर पर छापा मारा था। जहां से पुलिस ने उसके भाई मुजम्मिल इमाम को हिरासत में लिया था।
गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस ने मुंबई, पटना और दिल्ली में शरजील की तलाश में छापेमारी की थी। दिल्ली पुलिस को डर था कि अगर वह बिहार के रास्ते नेपाल भाग गया, तो वापस लाने में बहुत मुश्किल होगी। शरजील ने कथित तौर पर एक वीडियो में कहा था कि असम को भारत से अलग कर देगा। यह वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है।
ऐसा कुछ नहीं करना चाहिए जो राष्ट्रहित में न हो: नीतीश
जेएनयू छात्र शरजील इमाम की गिरफ्तारी पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि किसी को भी ऐसा कुछ नहीं करना चाहिए जो राष्ट्र के हित में न हो। आरोप और गिरफ्तारी, अदालत मामले पर फैसला करेगी।
जेएनयू प्रोक्टोरियल कमेटी भी दे चुकी पेश होने के निर्देश
रिसर्च स्कॉलर शरजील इमाम का विवादित वीडियो वायरल होने के मामले को जेएनयू कैंपस की प्रोक्टोरियल कमेटी ने भी गंभीरता से लिया है। कमेटी ने शरजील को नोटिस जारी कर तीन फरवरी तक पेश होने का निर्देश दिया था।
जदयू नेता थे शरजील के पिता
शरजील के दिवंगत पिता अकबर इमाम स्थानीय जदयू नेता थे और वह एक बार विधानसभा चुनावों में अपनी किस्मत भी आजमा चुके हैं। हालांकि, उन्हें हार झेलनी पड़ी थी। शरजील के पिता ही नहीं बल्कि उसका छोटा भाई मुजम्मिल इमाम भी राजनीति में शामिल रहा है। कुछ महीने पहले ही उसने जदयू छोड़ी थी।