बिहार के भागलपुर में हुए 700 करोड़ के सृजन घोटाले के को लेकर जदयू के बागी नेता और राज्यसभा सांसद शरद यादव ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि, सृजन घोटाले की जांच सुप्रीम कोर्ट के जज की देखरेख में की जानी चाहिए। यह एक बड़ा घोटाला है।
The investigation must be done under the supervision of the judge of Supreme Court. It's a huge scam: Sharad Yadav on #SrijanScam pic.twitter.com/iOSq0LT2Bl
— News World India (@NewsWorldIN) September 10, 2017
बता दें कि सृजन घोटाले के खिलाफ आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ जमकर हमला बोला।
रविवार को बिहार के भागलपुर में सृजन घोटाले के खिलाफ हुई रैली में लालू यादव ने कहा कि सृजन घोटाला महाघोटाला है। उन्होंने नीतीश पर हमला बोलते हुए कहा कि नीतीश कुमार लालची हैं और उन्होंने जनता के वोट को बीजेपी को बेचा है।
लालू ने कहा कि हमको नहीं हरा पाए तो बच्चों को निशाना बना रहे हैं। तेजस्वी ने नीतीश की बोलती बंद कर दी है। उन्होंने कहा कि उनका बेटा तेजस्वी मुख्यमंत्री बनेगा।
क्या है सृजन घोटाला
आरोप है कि भागलपुर के सृजन एनजीओ ने पिछले 10 सालों में मिलीभगत से बिहार सरकार को तकरीबन 700 करोड़ का चूना लगाया है। एनजीओ के इस घोटाले का खुलासा पुलिस रिकॉर्ड, बैंक स्टेटमेंट और अधिकारियों से बातचीत के बाद हुआ। भागलपुर के इस एनजीओ का नाम सृजन महिला विकास सहयोग समिति लिमिटेड है जो महिलाओं को व्यावसायिक प्रशिक्षण देने और अचार बेचने का काम करती है।
सृजन एनजीओ पर आरोप है कि उसने तकरीबन आधा दर्जन वेलफेयर स्कीम के नाम पर भागलपुर जिला प्रसाशन के अलग-अलग अकाउंट्स से करोड़ों रुपए का गबन किया।
एनजीओ के इस घोटाले में सरकारी अधिकारियों, बैंक के कर्मचारियों और सृजन के स्टाफ ने सहयोग किया। घोटाले का पर्दाफाश होने के बाद केंद्र सरकार ने सीबीआई जांच के निर्देश दिए । सीबीआई सृजन घोटाले की जांच कर रही है।