बिहार में अभिभावकों और घर में बैठे बच्चों के लिए खुशखबरी है। नए साल में केंद्र सरकार के दिशा-निर्देश पर प्रदेश में क्लास 1 से लेकर 8 तक के सभी सरकारी समेत निजी स्कूलों को खोलने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसके लिए मुख्य सचिव स्तर पर आपदा प्रबंधन समूह की एक अहम बैठक होगी, जिसमें कोविड-19 के संक्रमण से बचाव के सभी इंतजामों को ध्यान में रखते हुए स्कूलों को खोलने का फैसला लिया जाएगा। इस संबंध में शिक्षा विभाग के एक उच्च पद अधिकारी ने बुधवार को बताया कि स्कूलों को खोलने के बाद प्रारंभिक स्कूलों के बच्चों को बिना एग्जाम के अगली क्लास में प्रमोट करने का फैसला लिया जाएगा।
करीब एक करोड़ बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई पर निर्भर
इस संबंध में शिक्षा विभाग के अधिकारी ने बताया कि सरकार ने सितंबर 28 से क्साल 9 से लेकर 12 तक के स्कूलों को खोलने की सशर्त अनुमति दी थी, लेकिन इससे नीचे की क्लास को बंद रखने को कहा था। जिसकी वजह से प्राइवेट और सरकारी स्कूल के करीब 1 करोड़ 66 लाख बच्चे स्कूलों से दूर होने के कारण ऑनलाइन पढ़ाई पर निर्भर हो गए हैं।
स्कूल खोलने की शर्तें भी तय
शिक्षा विभाग में मुख्य सचिव को एक प्रस्ताव भेजा है, कि कोविड-19 के कड़े सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए इस माह स्कूलों में शर्त के साथ पहली से लेकर आठवीं तक की क्लास का संचालन करने की अनुमति दी जाए, तो पहले सरकारी स्कूल एवं निजी स्कूलों में रोटेशन में बच्चों को बुलाने और उनकी सुरक्षा पर ज्यादा ध्यान दिया जाए। साथ ही किसी भी कंटेनमंट जोन के विद्यार्थी, शिक्षक व कर्मचारी को स्कूल न तो बुलाया जाए और न ही वे आएं। कक्षाओं के संचालन के लिए स्कूलों कोरोना गाइडलाइन का सख्ती पालन करना होगा।
स्कूलों में किए जाएंगे कई अहम बदलाव
शिक्षा विभाग ने आदेश दिया है कि स्कूल अपने स्तर से विद्यार्धियों और शिक्षकों का शेड्यूल निर्धारित करें। स्कूलों में सरकार के दिशा-निर्देश के अनुपालन को सुनिश्चित कराना और उसकी निगरानी संबंधित जिलाधिकारी और जिला शिक्षा अधिकारी के ऊपर रहेगा। उन्हें मास्क, सैनिटाइजर और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करना होगा। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आपदा प्रबंदन समूह की बैठक में स्कूलों को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे। अगले साल बच्चों पढ़ाई के लिए बच्चों को राशि के बदले किताबें दी जाएंगी।