बिहार विधानसभा में बजट सत्र के दौरान नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव।
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गलवां घाटी में शहीद जवान जय किशोर सिंह के पिता राजकपूर सिंह से दुर्व्यवहार की जानकारी राज्य सरकार को प्राप्त हो गई है। सरकार ने गंभीरता से लेते हुए उच्चस्तरीय जांच करा रही है। बिहार विधानसभा में मामला उठने के करीब दो घंटे बाद ही नीतीश सरकार की ओर से यह जानकारी दी गई। दो घंटे पहले राज्य के उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा था कि "परिजन शहीद की प्रतिमा के लिए अपनी जमीन नहीं देना चाहते थे और दलित की जमीन पर यह बनाना चाहते थे। यह कैसे मुमकिन हो सकता है?” दूसरी तरफ, शहीद के बड़े भाई का कहना है कि "सरकारी जमीन पर शहीद स्मारक बनाने से रोकने के लिए SC-ST एक्ट के तहत हरिनाथ राम ने मुकदमा किया गया और जंदाहा थानाध्यक्ष विश्वनाथ राम ने केस ट्रू रिपोर्ट कर गिरफ्तार कराया।" रक्षा मंत्री का मुख्यमंत्री के पास फोन आने के बाद केस इतना गरमा गया कि सदन में डीजीपी आर एस भट्टी को बुलाया गया है।
राज्य सरकार ने लिखित में दिलाया भरोसा
राज्य सरकार को गलवां घाटी के शहीद स्व. जय किशोर सिंह के पिता राजकपूर सिंह, गांव-कजरी बुजुर्ग, थाना- जन्दाहा, जिला- वैशाली को अतिक्रमण एवं अन्य मामले में जेल भेजे जाने के क्रम में कथित दुर्व्यवहार की जानकारी प्राप्त हुई है। सरकार ने इसे गंभीरता से लेते हुए उच्चस्तरीय जांच दल गठित कर अति शीघ्र जांच कार्य संपन्न करते हुए अग्रेतर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। जानकारी के अनुसार हरिनाथ राम, पिता स्व. रामदेव राम, ग्राम-कजरी बुजुर्ग, थाना- जंदाहा के द्वारा गलवां घाटी के शहीद जयकिशोर सिंह के पिता राजकपूर सिंह पर वर्ष 2019 में तथा पुनः दिनांक 23.01.2023 में प्राथमिकी दर्ज की गई। कथित दुर्व्यवहार की घटना को लेकर सरकार पूरी तरह संवेदनशील है और पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी पहलुओं पर जांच का निर्देश दिया है। इसमें अगर कोई पुलिस पदाधिकारी या कर्मी दोषी पाया जाएगा तो उस पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।