सारण के मकेर में बाढ़ राहत सामग्री वितरण के दौरान उक्त थाने के थानाध्यक्ष संग्राम सिंह का कथित तौर पर पिस्टल दिखाते हुए फोटो वायरल होने के बाद एसएसपी रौशन कुमार ने उन्हें निलंबित कर दिया है। वीडियो में थानाध्यक्ष एक ट्रैक्टर की ट्रॉली पर खड़े नजर आ रहे हैं और उनके आसपास बड़ी संख्या में लोग मौजूद हैं।
राहत सामग्री के दौरान जुटी थी भीड़:
मकेर थाना क्षेत्र में गंडक की बाढ़ से बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हैं। कई परिवार घर छोड़कर बांध, सड़क और अन्य ऊंचे स्थानों पर शरण लिए हुए हैं। राहत सामग्री वितरण के लिए भी प्रभावित लोगों की भीड़ जुट रही है। इस संबंध में स्थानीय लोगों का कहना है कि वायरल वीडियो बाघाकोल गांव में राहत सामग्री वितरण के दौरान का है। इसी दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के क्रम में थानाध्यक्ष द्वारा कथित तौर पर पिस्टल निकाली गई है। हालांकि, हथियार निकालने की वजह और उस समय मौके की वास्तविक स्थिति की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
वीडियो वायरल होने के बाद हुई कार्रवाई:
तत्कालीन थानाध्यक्ष ने वरीय अधिकारियों से नहीं ली सीख:
वायरल वीडियो के आधार पर हुई कार्रवाई के बाद अब पूरे घटनाक्रम की परिस्थितियां जांच का विषय हैं। क्योंकि वीडियो कब और कहां बनाया गया, मौके पर उस समय क्या स्थिति थी और पिस्टल निकालने की वजह क्या थी, इसकी जांच के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी। फिलहाल एसएसपी के निर्देश पर मकेर थाने के थानाध्यक्ष संग्राम सिंह को निलंबित किया जा चुका है। बाढ़ राहत वितरण के दौरान सामने आए इस घटनाक्रम ने आपदा की स्थिति में भीड़ प्रबंधन और पुलिस के आचरण को लेकर सवाल जरूर खड़े किए हैं। सबसे दिलचस्प बात यह है कि निलंबित थानाध्यक्ष को देखना चाहिए कि सारण के जिलाधिकारी, एसएसपी, एसडीओ, एसडीपीओ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी बाढ़ प्रभावित इलाके में किस कदर पीड़ितों के साथ सहानुभूति जता रहे हैं।