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बिहार: एनडीए के निर्देश के बावजूद रामपुकार के साथ दिखे आरएलएम के तीन विधायक, गठबंधन अनुशासन पर उठे सवाल

Mon, 05 Oct 2026 06:18 PM IST
सारण ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छपरा

सार

सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में आरएलएम के तीन विधायकों के रामपुकार सिन्हा के नामांकन में शामिल होने से एनडीए में हलचल बढ़ गई है। उपेंद्र कुशवाहा के निर्देश के बावजूद विधायकों की मौजूदगी से गठबंधन धर्म और पार्टी अनुशासन पर सवाल उठे हैं।
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प्रत्याशी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के तीन विधायकों की मौजूदगी ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के भीतर राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। पार्टी प्रमुख और केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा की ओर से एनडीए समर्थित प्रत्याशी के पक्ष में रहने के निर्देश के बावजूद आरएलएम के तीन विधायक माधव आनंद के नेतृत्व में एनडीए उम्मीदवार के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरे रामपुकार सिन्हा के नामांकन में शामिल हुए।

सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए नामांकन प्रक्रिया के दौरान रामपुकार सिन्हा ने अपना नामांकन दाखिल किया। इस दौरान आरएलएम के तीन विधायकों की मौजूदगी चर्चा का विषय बनी रही। बताया जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व ने एनडीए के अधिकृत प्रत्याशी के समर्थन में रहने और गठबंधन के फैसले के अनुरूप चुनावी गतिविधियों में भाग लेने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद विधायकों का सिन्हा के नामांकन कार्यक्रम में पहुंचना पार्टी अनुशासन और गठबंधन धर्म को लेकर सवाल खड़े कर रहा है।

एनडीए के सामने चुनौती

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सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव इस बार राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एनडीए के घोषित उम्मीदवार के मुकाबले रामपुकार सिन्हा के मैदान में उतरने से मुकाबला बहुकोणीय होने के आसार हैं। ऐसे में एनडीए के घटक दल आरएलएम के विधायकों का विरोधी प्रत्याशी के नामांकन में शामिल होना गठबंधन के लिए असहज स्थिति पैदा कर सकता है।

राजनीतिक हलकों में अब इस बात को लेकर चर्चा है कि आरएलएम नेतृत्व तीनों विधायकों की इस गतिविधि को किस रूप में लेता है और क्या उनके खिलाफ कोई संगठनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

निर्देश के बावजूद मौजूदगी से बढ़ी चर्चा
नामांकन में विधायकों की मौजूदगी के बाद आरएलएम और एनडीए के भीतर राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। एक ओर गठबंधन के घटक दल चुनाव में एकजुटता बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर आरएलएम के विधायकों का अलग प्रत्याशी के कार्यक्रम में शामिल होना अलग राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।

सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में मतदान 23 अक्टूबर को होगा, जबकि मतगणना 27 अक्टूबर को होगी। चुनाव परिणाम से प्रत्याशियों की राजनीतिक स्थिति के साथ-साथ गठबंधन के भीतर जमीनी स्तर पर बनी एकजुटता की भी परीक्षा होगी। फिलहाल आरएलएम के तीन विधायकों की रामपुकार सिन्हा के नामांकन में मौजूदगी चुनावी माहौल में चर्चा का प्रमुख मुद्दा बन गई है।

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