बिहार के गोपालगंज जिले के चर्चित उद्योगपति रामाश्रय सिंह हत्याकांड में न्याय की प्रक्रिया एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। गुरुवार को स्थानीय व्यवहार न्यायालय ने इस मामले में अपना फैसला सुनाते हुए दो और मुख्य दोषियों, राजू सिंह और विनय कुमार मिश्र, को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। यह फैसला एडीजे-द्वितीय कुमार सुधांशु की अदालत ने सुनाया।
क्या था मामला?
यह सनसनीखेज वारदात 13 जून 2019 को हुई थी। जिले के भोरे थाना क्षेत्र के खजुरहां गांव स्थित अपने निर्माणाधीन पेट्रोल पंप पर अपराधियों ने प्रसिद्ध उद्योगपति रामाश्रय सिंह को निशाना बनाया। अपराधियों ने उन पर अंधाधुंध गोलियां बरसाईं, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। इस घटना ने पूरे जिले में सनसनी मचा दी थी और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए।
अदालती कार्रवाई और पूर्व के फैसले
पुलिस ने इस हत्याकांड में गहन जांच के बाद कई लोगों को नामजद किया था। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपियों को दोषी पाया।
अब तक 6 को सजा
उल्लेखनीय है कि यह पहली सजा नहीं है। इससे पहले भी अदालत ने चार अन्य दोषियों ब्रजकिशोर सिंह, अरुण मिश्र, संजय मिश्र और विवेक सिंह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। वे पिछले पांच वर्षों से जेल में बंद थे। ताजा फैसले के साथ ही इस कांड में अब तक कुल छह दोषियों को उम्रकैद की सजा मिल चुकी है।
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क्षेत्र में लोगों ने किया स्वागत
कोर्ट के इस फैसले का क्षेत्र के लोगों ने स्वागत किया। अभियोजन पक्ष ने मजबूती से दलीलें पेश कीं, जिसके परिणामस्वरूप राजू सिंह और विनय कुमार मिश्र को उनके अपराध के लिए कानून के तहत अधिकतम संभव सजा मिली। फैसले के बाद सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच दोनों दोषियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।