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Bihar: बिहार के पंकज का IPL में हुआ चयन, रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के बने नेट बॉलर

Sun, 22 Mar 2026 02:13 PM IST
सारण ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सारण

सार

Bihar: सारण जिले के पानापुर क्षेत्र के सतजोड़ा गांव के युवा तेज गेंदबाज पंकज तिवारी ने अपनी मेहनत और संघर्ष के दम पर आईपीएल टीम रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर में नेट बॉलर के रूप में जगह बनाई है, जिससे पूरे इलाके में खुशी और गर्व का माहौल है।
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पंकज तिवारी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की चमक-धमक के बीच अब बिहार के एक होनहार युवा क्रिकेटर की प्रतिभा पूरे देश के सामने आने को तैयार है। पंकज तिवारी की यह उपलब्धि न केवल सारण, बल्कि पूरे बिहार के लिए गर्व का विषय बनी हुई है। सतजोड़ा गांव निवासी मधुसूदन तिवारी के पुत्र पंकज तिवारी ने इंडियन प्रीमियर लीग की चर्चित टीम रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर में नेट बॉलर के रूप में

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जगह बनाई है।

पंकज ने चयनकर्ताओं  को किया प्रभावित 
पंकज तिवारी ने अपनी तेज रफ्तार गेंदबाजी से चयनकर्ताओं को प्रभावित किया है। लगभग 138 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से गेंदबाजी कर उन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। इस टीम में भारतीय क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली जैसे खिलाड़ी भी शामिल हैं, जिससे पंकज को सीखने और खुद को निखारने का बड़ा अवसर मिलने वाला है। पंकज की कहानी संघर्ष और जुनून की मिसाल है। महज 8 वर्ष की उम्र में उन्हें क्रिकेट का शौक लगा। गांव के उबड़-खाबड़ खेतों में साधारण बल्ले और गेंद से खेलते-खेलते उन्होंने अपने सपनों को आकार दिया। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी। धीरे-धीरे उनकी प्रतिभा निखरती गई और उन्होंने सारण जिला क्रिकेट एकेडमी, दहियावां में खेल की बारीकियां सीखीं। इसके बाद पटना स्थित सरकार पटेल क्रिकेट एकेडमी में पांच वर्षों तक प्रशिक्षण लेकर अपने खेल को और मजबूत किया।

दरोगा के पद से रिटायर हो चुके हैं पिता
वर्तमान में पंकज पटना में सिवान जिले के निवासी सह कोच शशि नंदन के मार्गदर्शन में अभ्यास कर रहे हैं। उनकी मेहनत और अनुशासन ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है। हालांकि इस सफर में चुनौतियां भी कम नहीं थीं। क्रिकेट के प्रति दीवानगी इतनी थी कि उन्होंने एक समय 10वीं की परीक्षा तक छोड़ दी थी। बाद में परिवार के समझाने पर उन्होंने पढ़ाई और खेल के बीच संतुलन बनाना सीखा। सबसे अहम बात यह है कि पंकज एक साधारण परिवार से आते हैं। उनके पिता मधुसूदन तिवारी बिहार पुलिस में दारोगा के पद से सेवानिवृत्त हैं, जबकि माता शारदा देवी गृहिणी हैं। उनके छोटे भाई भारतीय नौसेना में कार्यरत हैं।

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गांव में खुशी का माहौल
पंकज ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव के मध्य विद्यालय सतजोड़ा से प्राप्त की और उच्च विद्यालय सतजोड़ा से मैट्रिक पास किया। इसके बाद उन्होंने जय प्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा की अंगीभूत इकाई राजेंद्र कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। उनकी सफलता से पूरे गांव में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों और मित्रों में उत्साह देखते ही बन रहा है। सोशल मीडिया पर लोग गर्व के साथ उन्हें अपना बचपन का साथी बता रहे हैं। मालूम हो कि पिछले वर्ष भी पंकज का चयन राजस्थान रॉयल्स में नेट बॉलर के रूप में हुआ था। उस समय गांव लौटने पर उनका भव्य स्वागत किया गया था।

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क्या बोले पंकज?
पंकज तिवारी आज के युवाओं के लिए प्रेरणा बनकर उभरे हैं। उनका मानना है कि सफलता स्थान पर नहीं, बल्कि मेहनत और समर्पण पर निर्भर करती है। उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि सही दिशा में निरंतर प्रयास करने से एक न एक दिन सफलता जरूर मिलती है।

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